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असम में बाल विवाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 441 मामले दर्ज, मुख्यमंत्री ने कहा- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

असम सरकार ने राज्य में बाल विवाह के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है, जिसके तहत मंगलवार शाम तक 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा…

असम में बाल विवाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 441 मामले दर्ज, मुख्यमंत्री ने कहा- किसी को बख्शा नहीं जाएगा
(फोटो: IANS)

असम सरकार ने राज्य में बाल विवाह के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है, जिसके तहत मंगलवार शाम तक 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस सिलसिले में कुल 441 मामले भी दर्ज किए गए हैं।

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मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में इस अवैध प्रथा को एक "जघन्य अपराध" करार देते हुए सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "हम इस जघन्य अपराध में शामिल किसी को भी नहीं बख्शेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि असम बाल विवाह से मुक्त हो।" उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह कार्रवाई कुछ लोगों की अपेक्षा से पहले ही शुरू हो गई है, जबकि अटकलें लगाई जा रही थीं कि अभियान का अगला चरण नवंबर में शुरू होगा।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और कार्रवाई

यह ताजा गिरफ्तारियां और मामले राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा हैं। सरकार पुलिस कार्रवाई के जरिए उन सभी लोगों को निशाना बना रही है जो ऐसे विवाहों को संपन्न कराने या उनमें किसी भी तरह की सुविधा प्रदान करने में कथित रूप से शामिल हैं।

असम सरकार लगातार इस बात पर जोर देती रही है कि बाल विवाह नाबालिगों, विशेषकर लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा है। इस प्रथा के कारण लड़कियां कम उम्र में गर्भधारण, स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और शिक्षा में रुकावट जैसी समस्याओं का शिकार होती हैं।

कानूनी कार्रवाई का जोर

सरकार ने राज्य में बाल विवाह को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मुख्यमंत्री सरमा ने जोर देकर कहा है कि इस प्रथा में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सरकार ने अभी तक इन नवीनतम आंकड़ों का जिलेवार विवरण सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया है। उम्मीद है कि इन ताजा आंकड़ों से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आएगा और राज्य में नाबालिगों के विवाह को रोकने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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