बेंगलुरु-मुंबई अब वंदे भारत स्लीपर से जुड़े, रेल मंत्री ने कन्नड़ राज्योत्सव पर दी सौगात
देश की तकनीकी राजधानी बेंगलुरु और वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन से सफ़र किया जा सकेगा। कन्नड़ राज्योत्सव के विशेष अवसर पर रविवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने…
देश की तकनीकी राजधानी बेंगलुरु और वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन से सफ़र किया जा सकेगा। कन्नड़ राज्योत्सव के विशेष अवसर पर रविवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु के एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह देश की तीसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस उद्घाटन समारोह में रेल मंत्री के साथ कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद थीं। इनमें केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एच.डी. कुमारस्वामी, केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना व शोभा करंदलाजे, और भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, पी.सी. मोहन, सी.एन. मंजूनाथ, लहर सिंह सिरोया एवं जगेश शामिल थे।
बेहतर सुविधा, सुरक्षित सफ़र
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मौके पर कहा, "यह एक बहुत अच्छी ट्रेन है...।" उन्होंने बताया कि ट्रेन को डिज़ाइन करते समय यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें लोकोमोटिव पायलटों के लिए खास सुविधाओं के साथ-साथ बर्थ पर आसानी से चढ़ने के लिए अतिरिक्त फीचर भी जोड़े गए हैं। वैष्णव ने यह भी कहा कि दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कर्नाटक में रेलवे का विकास
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब परियोजनाओं की नींव और उद्घाटन एक ही सरकार के कार्यकाल में हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने उत्तरी कर्नाटक तथा मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में रेलवे कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया है। सोमन्ना के मुताबिक, "पिछले पाँच वर्षों में कर्नाटक में रेलवे के विकास पर 52,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूरे भारत में बने 14,000 रेलवे ओवरब्रिजों में से 900 से अधिक कर्नाटक में बने हैं।
ट्रेन का शेड्यूल और क्षमता
यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन चलेगी। बेंगलुरु से मुंबई (ट्रेन नंबर 27652) की यात्रा सोमवार को और मुंबई से बेंगलुरु (ट्रेन नंबर 27651) की वापसी यात्रा मंगलवार को नहीं होगी। यह बेंगलुरु से शाम 7:45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचेगी, जिसमें करीब 16 घंटे लगेंगे। वापसी में, ट्रेन मुंबई से रात 8:10 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर में बेंगलुरु पहुंचेगी। इस ट्रेन की कुल यात्री क्षमता 823 है, जिसमें एक फर्स्ट एसी, चार एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर कोच शामिल हैं। इस सेवा का संचालन और रखरखाव दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ज़ोन करेगा।
इनपुट: IANS



