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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: ट्रंप के नेतृत्व पर जनमत संग्रह, दाँव पर कांग्रेस का नियंत्रण

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के मध्य में हो रहे अहम चुनावों के लिए मंगलवार को मतदान हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन चुनावों को ट्रंप की नीतियों और कामकाज पर एक बड़े जनम…

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: ट्रंप के नेतृत्व पर जनमत संग्रह, दाँव पर कांग्रेस का नियंत्रण
(फोटो: IANS)

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के मध्य में हो रहे अहम चुनावों के लिए मंगलवार को मतदान हुआ। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन चुनावों को ट्रंप की नीतियों और कामकाज पर एक बड़े जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके नतीजों का असर न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

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हालांकि ये चुनाव सीधे तौर पर राष्ट्रपति पद के लिए नहीं हैं, लेकिन ट्रंप ने इसे अपने नेतृत्व की परीक्षा बना दिया है। उन्होंने अपनी रैलियों में मतदाताओं से यहाँ तक कहा, "मान लीजिए कि मेरा नाम ही मतपत्र पर है।" सोमवार को अपनी आखिरी चुनावी रैली में उन्होंने इसे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव बताया।

मतदान और तकनीकी बाधाएँ

मतदान की शुरुआत स्थानीय समयानुसार सुबह पाँच बजे वर्मोंट राज्य से हुई। अमेरिका के विशाल भौगोलिक क्षेत्र के कारण अलग-अलग समय पर वोटिंग हुई, जिसमें अलास्का मतदान समाप्त करने वाला आखिरी राज्य रहा। मंगलवार को मतदान से पहले ही लगभग 5.7 करोड़ मतदाता डाक मतपत्र या अग्रिम मतदान के ज़रिए अपना वोट डाल चुके थे, जबकि कुल मतदाताओं की संख्या 17.4 करोड़ है। इस दौरान न्यूयॉर्क सिटी के पास वेस्टचेस्टर काउंटी में वोटिंग मशीनों के काम न करने जैसी कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आईं, जिसके बाद मतदाताओं को कागजी मतपत्रों का उपयोग करने को कहा गया।

किन सीटों पर हो रहा है चुनाव?

इस मध्यावधि चुनाव में अमेरिकी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स' की सभी 435 सीटों, उच्च सदन 'सीनेट' की 35 सीटों और 36 राज्यों में गवर्नर पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इसके अलावा हज़ारों स्थानीय पदों के लिए भी मतदान हो रहा है। ज़्यादातर सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के संकेत मिले हैं, जबकि सीनेट में मुकाबला बेहद कड़ा बताया जा रहा है।

ट्रंप की लोकप्रियता और आर्थिक मुद्दे

चुनावों के बीच ट्रंप की घटती लोकप्रियता और आर्थिक मुद्दे भी चर्चा में रहे। हालिया तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास दर 3.4% रही, लेकिन सितंबर में 3.7% की महँगाई दर ने आम लोगों को प्रभावित किया है। सर्वेक्षणों के औसत के अनुसार, ट्रंप की जॉब अप्रूवल रेटिंग गिरकर 39.1% रह गई है, जबकि 58.8% लोग उनके काम से नाखुश हैं। अपने प्रचार अभियान में ट्रंप ने उन राज्यों पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया जो पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाते हैं, जिससे संकेत मिला कि वह अपने समर्थक आधार को लेकर चिंतित थे।

नतीजों का क्या होगा असर?

चुनाव के शुरुआती रुझान वॉशिंगटन के समयानुसार आधी रात तक आने की उम्मीद है, लेकिन अंतिम नतीजों में कुछ दिन या हफ्ते भी लग सकते हैं। अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वे ट्रंप के कार्यकाल के बाकी दो वर्षों में उनकी योजनाओं में बाधा डाल सकते हैं। वहीं, सीनेट में भी बहुमत मिलने पर राष्ट्रपति के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी। हालांकि, ट्रंप के पास कार्यकारी आदेशों के ज़रिए फैसले लेने का विकल्प रहेगा, जिससे नई राजनीतिक और कानूनी बहस छिड़ सकती है।

इनपुट: IANS

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