शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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बिहार का मखाना अब ग्रीस के बाज़ारों में, पहली खेप रवाना, किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद

बिहार के मशहूर मखाना ने अब यूरोपीय बाज़ारों में भी अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से पूर्णिया से 1 मीट्रिक टन पॉप्ड मखाना की…

बिहार का मखाना अब ग्रीस के बाज़ारों में, पहली खेप रवाना, किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद
(फोटो: IANS)

बिहार के मशहूर मखाना ने अब यूरोपीय बाज़ारों में भी अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से पूर्णिया से 1 मीट्रिक टन पॉप्ड मखाना की पहली खेप ग्रीस के लिए भेजी गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम से बिहार के मखाना उत्पादकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

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यह खेप बिहार के पूर्णिया स्थित बेलौरी के इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट द्वारा जुटाई गई थी और इसका निर्यात एस. एस. फूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कर रही है। इसे गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह से ग्रीस के पिराएस पोर्ट तक पहुंचाया जाएगा। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि इस निर्यात से उत्पादकों को घरेलू बाज़ार के मुकाबले बेहतर कीमत मिली है, जो वैश्विक बाज़ार में मौजूद अवसरों को दर्शाता है।

भारत का मखाना उत्पादन और बिहार की भूमिका

भारत दुनिया में मखाना का सबसे बड़ा उत्पादक है, और देश के कुल उत्पादन का लगभग 80-85 प्रतिशत हिस्सा अकेले बिहार से आता है। राज्य के 10 जिलों में 35,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर मखाना की खेती होती है, जो हजारों किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है। इस निर्यात पहल से बिहार के मखाना उद्योग को नई गति मिलने की संभावना है।

निर्यात बढ़ाने के प्रयास और भविष्य की योजनाएं

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने 20 से ज़्यादा देशों को 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और इससे बने उत्पाद निर्यात किए, जिनकी कुल कीमत करीब 2.2 करोड़ डॉलर थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कृषि निर्यात नीति पर भी काम कर रही है। साथ ही, मखाना निर्यात की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए राज्य में पैकहाउस भी विकसित किए गए हैं।

वाणिज्य मंत्रालय का कहना है कि एपीडा भारतीय मखाना के लिए लगातार नए बाज़ार तलाश रहा है और निर्यातकों को यूरोप सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह पहल किसानों को वैश्विक मांग से जोड़ने, नए बाजार विकसित करने और बेहतर मूल्य दिलाने में मददगार साबित होगी।

इनपुट: IANS

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