पश्चिम बंगाल: मतदाता सूची समीक्षा ट्रिब्यूनल से एक और इस्तीफा, पूर्व जज बिस्वजीत बसु ने पद छोड़ा
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की समीक्षा के लिए बने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) न्यायाधिकरण से इस्तीफों का सिलसिला जारी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बिस्वजीत बसु इस पैनल से इस्तीफा देने वाले…
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की समीक्षा के लिए बने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) न्यायाधिकरण से इस्तीफों का सिलसिला जारी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बिस्वजीत बसु इस पैनल से इस्तीफा देने वाले चौथे सदस्य बन गए हैं। उन्होंने शनिवार को व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना त्यागपत्र कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को सौंप दिया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह न्यायाधिकरण उन लोगों की अपीलों की सुनवाई के लिए बनाया गया था, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। बसु का इस्तीफा पूर्व न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी के पद छोड़ने के कुछ ही दिनों बाद आया है।
लगातार इस्तीफों से पैनल पर सवाल
बसु से पहले तीन अन्य सदस्य भी इस समिति को छोड़ चुके हैं। पूर्व न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी ने दफ्तर आने-जाने में रोजाना 22 किलोमीटर की यात्रा को कारण बताते हुए इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें लगा था कि काम कुछ ही महीनों में पूरा हो जाएगा, लेकिन मामलों की संख्या देखकर इसमें कहीं ज्यादा समय लगने की उम्मीद है। इसी तरह, पूर्व जस्टिस रंजीत कुमार बाग ने भी निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि उन्होंने इसका कोई स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया। पैनल छोड़ने वाले पहले सदस्य कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम थे, जिन्होंने पारिवारिक समस्याओं का हवाला दिया था।
क्यों बना था यह न्यायाधिकरण?
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस न्यायाधिकरण का गठन किया गया था, जिसमें 19 सेवानिवृत्त न्यायाधीश और मजिस्ट्रेट शामिल थे। इसका मुख्य काम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए करीब 60 लाख मामलों की सुनवाई करना था। बसु के इस्तीफे के बाद 19 सदस्यों वाले इस पैनल से अब तक चार लोग पद छोड़ चुके हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में SIR अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य में 7,66,37,529 पंजीकृत मतदाता थे। 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम सूची में कुल 63,66,952 नाम हटा दिए गए थे। चुनाव आयोग ने कहा था कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूरक सूचियां जारी की जाएंगी, जिसमें पात्र लोगों के नाम वापस जोड़े जा सकेंगे।
इनपुट: IANS



