चक्रवात 'मुरासु' का खतरा: आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट, मुख्यमंत्री नायडू ने की तैयारियों की समीक्षा
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' के सोमवार रात तट से टकराने की आशंका के चलते राज्य प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को किसी…
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासु' के सोमवार रात तट से टकराने की आशंका के चलते राज्य प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है, खासकर दक्षिण तटीय आंध्र और रायलसीमा जिलों में, जहाँ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
सोमवार को अमरावती सचिवालय में रियल टाइम गवर्नेंस सोसायटी (आरटीजीएस) केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने किसी भी तरह की जनहानि को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर विशेष जोर दिया। हालांकि, पूर्वानुमानों के मुताबिक चक्रवात 'मुरासु' का प्रभाव पिछले हफ्ते आए चक्रवात 'अर्नब' की तुलना में कम रहने की उम्मीद है, जिसमें हवा की गति और बारिश की तीव्रता भी अपेक्षाकृत कम रह सकती है।
बिजली और राहत कार्य की तैयारी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चक्रवाती हवाओं के कारण दक्षिण तटीय और रायलसीमा जिलों में लगभग 8,000 बिजली के खंभे प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए, श्रीकाकुलम से कृष्णा जिले तक 31,000 बिजली के खंभे पहले ही भेजे जा चुके हैं। बिजली बहाली के काम में तेजी लाने के लिए चेन्नई से 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी भी बुलाए गए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने नेल्लोर और प्रकाशम सहित विभिन्न जिलों में तैनात करने का निर्देश दिया है।
बारिश और जल प्रबंधन पर फोकस
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि पालनाडु जिले में सबसे ज़्यादा, लगभग 30 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है। इसके बाद प्रकाशम में 24 सेंटीमीटर, मार्कपुरम में 19 सेंटीमीटर और कृष्णा, गुंटूर, एलुरु तथा नेल्लोर जिलों में करीब 9 सेंटीमीटर बारिश की संभावना है। मुख्यमंत्री नायडू ने इस अवसर का उपयोग जल प्रबंधन के लिए करने का निर्देश दिया। उन्होंने कम वर्षा वाले जिलों जैसे गुंटूर, बापटला, पालनाडु, प्रकाशम, नेल्लोर और मार्कपुरम में जलाशयों और तालाबों को भरने के लिए कहा।
मुख्यमंत्री ने चक्रवात से प्रभावित होने वाले छह जिलों के 6,800 तालाबों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नालों में गाद जमा होने से फसलें न डूबें। चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को 48 घंटों के भीतर पूरा करने और फसल बीमा मुआवजे व इनपुट सब्सिडी प्रक्रियाओं में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
इनपुट: IANS



