आंध्र प्रदेश: 15 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी में CID की बड़ी सफलता, पीड़ित को वापस मिलेगी पूरी रकम
आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (CID) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CID ने अदालत से आदेश हासिल…
आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग (CID) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाले का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CID ने अदालत से आदेश हासिल कर लिया है, जिससे तेलंगाना की एक महिला पीड़ित को ठगी गई लगभग 15 करोड़ रुपये की पूरी रकम वापस मिल सकेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह एक संगठित साइबर अपराध सिंडिकेट था जो कई देशों से ऑपरेट कर रहा था।
मामला तब सामने आया जब तेनाली की रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगा गया है। इसके बाद मंगलगिरी स्थित सीआईडी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि यह एक जटिल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ गिरोह था।
कैसे हुई 15 करोड़ की धोखाधड़ी?
जांचकर्ताओं के अनुसार, ठगों ने महिला को फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने के लिए उकसाया। शुरुआत में, पीड़िता ने अपने बैंक खातों से 13 अलग-अलग नॉन-कस्टोडियल क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में पैसे ट्रांसफर किए। इसके बाद, आरोपियों के कहने पर उसने बिटकॉइन, सोलाना और डॉजकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए कुल 27 लेनदेन किए, जिनकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये (1.5 मिलियन डॉलर) थी। उसे विश्वास दिलाया गया कि वह एक वास्तविक निवेश कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट और जांच का तरीका
CID ने पाया कि ठगी की रकम को कई स्तरों पर लेनदेन और म्यूल खातों के जरिए घुमाया गया ताकि उसके स्रोत को छिपाया जा सके। आखिरकार यह पैसा केमैन आइलैंड स्थित क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज 'गेट ग्लोबल कॉर्पोरेशन' तक पहुंचा। CID ने ब्लॉकचेन लेनदेन के विस्तृत विश्लेषण और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए ठगी गई क्रिप्टोकरेंसी के रास्ते का पता लगाया। इस पूरी जांच में केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से भी तकनीकी सहायता मिली।
एजेंसी ने इस गिरोह से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो हैदराबाद, दो महाराष्ट्र, एक मलेशिया, दो चीन और एक पुर्तगाल का रहने वाला है। आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है।
अदालत का अहम फैसला
इस मामले में गुंटूर की एक अदालत ने अहम निर्देश जारी किया है। अदालत ने 'गेट ग्लोबल कॉर्पोरेशन' को आदेश दिया है कि वह सिंडिकेट से जुड़े चार खातों में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी को मौजूदा बाजार मूल्य पर यूएसडीटी में बदले और पूरी रकम पीड़ित महिला के निर्धारित क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट में ट्रांसफर करे। CID ने इसे साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ित को उसकी संपत्ति वापस दिलाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी बताया है।
इनपुट: IANS



