केरल में बिजली संकट: यूडीएफ सरकार ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एनटीपीसी के साथ कई समझौतों की तैयारी की
केरल में बिजली की कमी से जूझ रही चार महीने पुरानी यूडीएफ सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त बिजली हासिल करने और…
केरल में बिजली की कमी से जूझ रही चार महीने पुरानी यूडीएफ सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त बिजली हासिल करने और राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिलसिले में मुख्यमंत्री सतीशन ने बुधवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (NTPC) के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।
राज्य में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच बढ़ते फासले के कारण बिजली कटौती की नौबत आ गई है, जिसे लेकर माकपा के नेतृत्व वाला विपक्ष सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने एनटीपीसी से न केवल अतिरिक्त बिजली की मांग की है, बल्कि ऊर्जा भंडारण और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं पर भी जोर दिया है।
बैटरी स्टोरेज और सौर ऊर्जा पर जोर
बैठक में हुए प्रमुख फैसलों में कायमकुलम में 2,000 मेगावाट घंटे की क्षमता वाला एक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB), एनटीपीसी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की साझेदारी में पूरी की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके अलावा, मार्च 2027 तक पोथेनकोड और श्रीकंडापुरम में 80-80 मेगावाट घंटे क्षमता की दो अन्य बीईएसएस परियोजनाएं शुरू करने की भी योजना है। सरकार ने कायमकुलम में एनटीपीसी की 27 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना में भी तेजी लाने का अनुरोध किया है।
तत्काल राहत और दीर्घकालिक योजना
तात्कालिक राहत के तौर पर, महाराष्ट्र में एनटीपीसी की सिन्नार परियोजना से केरल को 300 मेगावाट बिजली मुहैया कराने पर सहमति बनी है। यह बिजली राज्य को 5.18 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी। साथ ही, एनटीपीसी ने अपने रामागुंडम संयंत्र से भी बिजली आपूर्ति के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) करने की इच्छा जताई है।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, राज्य सरकार ने एनटीपीसी से केरल के लिए एक समर्पित बिजली संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाशने का भी आग्रह किया है। बैठक में केएसईबी की प्रबंधन और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत एनटीपीसी राज्य की बिजली वितरण कंपनी को अपनी विशेषज्ञता प्रदान करेगा। सरकार इन कदमों को मौजूदा संकट के समाधान के साथ-साथ राज्य की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बता रही है।
इनपुट: IANS



