सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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अंबुजा सीमेंट का बड़ा दांव: 14,500 करोड़ के निवेश से उत्पादन क्षमता में होगी 30 मिलियन टन की बढ़ोतरी

अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने अपने विस्तार की अगली बड़ी योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि वह ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता में 30…

अंबुजा सीमेंट का बड़ा दांव: 14,500 करोड़ के निवेश से उत्पादन क्षमता में होगी 30 मिलियन टन की बढ़ोतरी
(फोटो: IANS)

अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने अपने विस्तार की अगली बड़ी योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने सोमवार को बताया कि वह ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता में 30 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) का इजाफा करेगी। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए लगभग 14,500 करोड़ रुपए का कुल निवेश प्रस्तावित है।

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इस विस्तार के बाद, कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 155 MTPA हो जाएगी। फिलहाल, अंबुजा सीमेंट्स के पास देशभर में 24 इंटीग्रेटेड प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट्स के माध्यम से 113.5 MTPA की उत्पादन क्षमता है। यह विस्तार कार्यक्रम भारत के पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों के तेजी से बढ़ते बाजारों पर केंद्रित होगा, ताकि मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सके।

विस्तार का मकसद और रणनीति

अदाणी ग्रुप के सीमेंट कारोबार के सीईओ विनोद बहेटी के अनुसार, विस्तार का मुख्य उद्देश्य सिर्फ क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि विकास की गुणवत्ता और एक संतुलित मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क तैयार करना है। उन्होंने कहा, "क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल मजबूत करने और तेजी से बढ़ते प्रमुख बाजारों के करीब विस्तार करने से हम अपने नेटवर्क में अधिक लचीलापन ला रहे हैं।"

बहेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विस्तार से कंपनी की लागत दक्षता में सुधार होगा। उन्होंने कहा, "बाजार के करीब होने से परिवहन की दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत भी घटेगी। कुल मिलाकर, इससे वित्त वर्ष 2028 तक 4,000 रुपए प्रति मीट्रिक टन (पीएमटी) की लागत हासिल करने का रास्ता तैयार होगा।"

कहां और कितनी बढ़ेगी क्षमता?

इस योजना के तहत नई ग्राइंडिंग क्षमता का बड़ा हिस्सा पश्चिमी क्लस्टर (15.5 MTPA) और पूर्वी क्लस्टर (11.6 MTPA) में जोड़ा जाएगा, जबकि उत्तरी क्लस्टर में 2.9 MTPA की वृद्धि होगी। इसके साथ ही, क्लिंकर उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा:

  • असम (उमरांगसो): 4 MTPA
  • मराठा (पश्चिमी क्लस्टर): 4 MTPA
  • मुंद्रा (पश्चिमी क्लस्टर): 2.3 MTPA

यह बढ़ी हुई क्लिंकर क्षमता विस्तारित ग्राइंडिंग नेटवर्क को जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

हालिया विस्तार और भविष्य की योजनाएं

कंपनी पहले से ही विस्तार की राह पर है। वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 4.6 MTPA क्षमता जोड़ी है। इसके अलावा, पंजाब की बठिंडा यूनिट (1.2 MTPA) और राजस्थान की जोधपुर यूनिट (2 MTPA) में कुल 3.2 MTPA क्षमता स्थिर हो चुकी है, जिससे उत्पादन में जल्द बढ़ोतरी की उम्मीद है। बिहार की वारिसलीगंज ग्राइंडिंग यूनिट (2.4 MTPA) भी वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में चालू हो जाएगी, जिसके बाद मार्च 2027 के अंत तक कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 119 MTPA तक पहुंचने की उम्मीद है।

इनपुट: IANS

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