असम: मंत्रियों से बातचीत के बाद विधायक अखिल गोगोई ने बाढ़ राहत के लिए चल रहा अपना सत्याग्रह समाप्त किया
असम में बाढ़ प्रभावितों के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग को लेकर दो सप्ताह से चल रहा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह समाप्त हो गया है। रायजोर दल के प्रमुख और विधायक अखिल गोगोई ने गुरुवार को राज्य सरकार के दो…
असम में बाढ़ प्रभावितों के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग को लेकर दो सप्ताह से चल रहा अनिश्चितकालीन सत्याग्रह समाप्त हो गया है। रायजोर दल के प्रमुख और विधायक अखिल गोगोई ने गुरुवार को राज्य सरकार के दो मंत्रियों के साथ बातचीत के बाद अपना आंदोलन वापस लेने का फैसला किया।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, असम सरकार के मंत्री पीयूष हजारिका और केशव महंत ने खुद विरोध स्थल पर पहुंचकर अखिल गोगोई से मुलाकात की। इस बैठक के बाद गोगोई ने अपना सत्याग्रह खत्म करने की घोषणा की। हालांकि, सरकार की ओर से क्या ठोस आश्वासन दिए गए, इस बारे में तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आई है। गोगोई ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर यह आंदोलन शुरू किया था।
क्षतिपूर्ति के आंकड़ों पर था विवाद
इस आंदोलन का मुख्य कारण बाढ़ प्रभावित परिवारों की संख्या को लेकर सरकार और गोगोई के दावों में बड़ा अंतर था। विधायक गोगोई का कहना था कि सरकार के सर्वेक्षण में केवल 55,000 प्रभावित परिवारों की पहचान की गई, जबकि असल में दो लाख से अधिक परिवारों को मदद की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा था, "सरकार का कहना है कि केवल 55,000 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि असल संख्या दो लाख से ज्यादा है। यह आंकड़ा गुमराह करने वाला है।"
केंद्र की मदद और राज्य सरकार पर सवाल
अखिल गोगोई ने केंद्र सरकार से मिली वित्तीय सहायता पर भी सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि असम के लिए घोषित 1,200 करोड़ रुपये की राशि बाढ़ से हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त है। उन्होंने राज्य सरकार पर आपदा की गंभीरता को केंद्र के सामने ठीक से न रख पाने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने ओएनजीसी द्वारा दिए गए 20 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी नहीं किए जाने का भी दावा किया था। भले ही मंत्रियों के हस्तक्षेप के बाद आंदोलन खत्म हो गया है, लेकिन बाढ़ राहत और मुआवजे से जुड़ी मांगें अभी भी अहम बनी हुई हैं।
इनपुट: IANS



