तमिलनाडु: सरकार गिराने की साज़िश? AIADMK नेता से रिश्वत मामले में दूसरे दिन भी पूछताछ
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को रिश्वत देने के आरोपों की जांच तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में मदुरै सेंट्रल क्राइम…
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार को अस्थिर करने के लिए विधायकों को रिश्वत देने के आरोपों की जांच तेज हो गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इसी सिलसिले में मदुरै सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन AIADMK के वरिष्ठ नेता पी.एम. मन्नन से पूछताछ की। मन्नन, जो पार्टी के उप प्रचार सचिव और पूर्व डिप्टी मेयर भी हैं, अदालत के निर्देश पर जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए।
यह पूरा मामला सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के विधायक मधर बदरुद्दीन उर्फ मुस्तफा की शिकायत के बाद सामने आया था। मुस्तफा ने आरोप लगाया था कि विपक्षी दल के कुछ नेताओं ने उन्हें प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए पैसों का लालच दिया था। उन्होंने बुधवार को मदुरै हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में दावा किया था कि विजय सरकार को गिराने और पार्टी में दलबदल कराने की कोशिशें की जा रही हैं।
पूछताछ, गिरफ्तारी और अदालत का दखल
मुस्तफा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीसीबी ने शुक्रवार सुबह मन्नन को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस उपायुक्त दिव्या की निगरानी में उनसे आठ घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ चली। जांचकर्ताओं ने इस दौरान मन्नन के मोबाइल फोन रिकॉर्ड्स और संपर्कों की पड़ताल की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित खरीद-फरोख्त में और कौन से राजनीतिक नेता शामिल हैं।
पूछताछ के बाद जब मन्नन को जिला अदालत में विशेष न्यायाधीश आर. जोसेफ जॉय के सामने पेश किया गया, तो अदालत ने उनकी गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाए। न्यायाधीश ने पूछा कि जब उन्हें 7 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, तो एक दिन पहले 6 नवंबर को ही क्यों गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद, अदालत ने उन्हें 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करते हुए शनिवार को फिर से जांच में शामिल होने का निर्देश दिया।
मामले की राजनीतिक अहमियत
अदालत के आदेश का पालन करते हुए मन्नन शनिवार को मदुरै के विश्वनाथपुरम स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे, जहां जांच जारी रही। इन आरोपों के बाद तमिलनाडु में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सत्तारूढ़ टीवीके ने विपक्षी दलों पर धनबल का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या विधायकों को लुभाने के लिए कोई संगठित प्रयास किया गया था।
इनपुट: IANS



