मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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एआई कंपनी एंथ्रोपिक की शेयर बाज़ार में एंट्री: कमाई रॉकेट जैसी, लेकिन घाटा भी आसमान पर

सैन फ्रांसिस्को स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक ने अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं, जिसमें उसकी आमदनी में…

एआई कंपनी एंथ्रोपिक की शेयर बाज़ार में एंट्री: कमाई रॉकेट जैसी, लेकिन घाटा भी आसमान पर
(फोटो: IANS)

सैन फ्रांसिस्को स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक ने अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने इसके लिए जरूरी दस्तावेज़ जमा कर दिए हैं, जिसमें उसकी आमदनी में ज़बरदस्त उछाल के साथ-साथ भारी-भरकम घाटे का भी खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कंपनी नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर 'ANT' सिंबल के तहत अपने शेयर लिस्ट कराना चाहती है।

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कंपनी द्वारा सोमवार को यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास दायर आवेदन में बताया गया है कि क्लास ए के सामान्य शेयरों की बिक्री की जाएगी। हालांकि, अभी यह साफ़ नहीं किया गया है कि कितने शेयर बेचे जाएंगे और उनकी कीमत क्या होगी। इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ को गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े वित्तीय संस्थान संभाल रहे हैं।

कमाई और घाटे का हिसाब

आंकड़े बताते हैं कि एंथ्रोपिक का राजस्व बेहद तेज़ी से बढ़ा है। 2023 में 4.1 करोड़ डॉलर से बढ़कर यह 2024 में 38.6 करोड़ डॉलर और 2025 में 4.6 अरब डॉलर तक पहुँच गया। 30 जून 2026 को समाप्त छमाही में कंपनी ने 16.3 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 1,300 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।

हालांकि, इस शानदार ग्रोथ के बावजूद कंपनी मुनाफे में नहीं है। कंपनी को 2025 में 41.97 अरब डॉलर का शुद्ध घाटा हुआ, जो 2026 के पहले छह महीनों में बढ़कर 80.75 अरब डॉलर हो गया। कंपनी ने निवेशकों को यह चेतावनी भी दी है कि भविष्य में भी राजस्व की इतनी तेज़ रफ़्तार बने रहना ज़रूरी नहीं है।

कंपनी की संरचना और वैश्विक जोखिम

2021 में स्थापित एंथ्रोपिक एक 'पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन' है, जिसका नियंत्रण एक 'लॉन्ग-टर्म बेनिफिट ट्रस्ट' के पास है। कंपनी के सीईओ डारियो एमोडेई और प्रेसिडेंट डेनिएला एमोडेई समेत अन्य सह-संस्थापक विशेष 'क्लास एफ स्टॉक' के जरिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।

एंथ्रोपिक ने अपने दस्तावेज़ों में कुछ बड़े वैश्विक जोखिमों का भी जिक्र किया है। कंपनी ने कहा है कि अगर अमेरिका की आप्रवासन नीतियां सख़्त होती हैं तो उसे प्रतिभाशाली कर्मचारियों को नौकरी पर रखने में मुश्किल हो सकती है, जो भारतीय H-1B वीजा धारकों पर निर्भर तकनीकी उद्योग के लिए एक अहम मुद्दा है। इसके अलावा, कंपनी ने ताइवान में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण पर निर्भरता को लेकर भी चिंता जताई है, क्योंकि चीन-ताइवान के बीच तनाव से चिप सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या?

आईपीओ के दस्तावेजों में भारत में कंपनी के संचालन या ग्राहकों को लेकर कोई खास जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि प्रॉस्पेक्टस को भारतीय नियामक सेबी से कोई मंज़ूरी नहीं मिली है और इन शेयरों को सीधे तौर पर भारत में आम जनता को पेश नहीं किया जाएगा, जब तक कि यह प्राइवेट प्लेसमेंट के नियमों के तहत न हो।

इनपुट: IANS

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News4Social बिज़नेस डेस्क

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