अगले 10 साल में AI से भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है 79 अरब डॉलर का बूस्ट: रिपोर्ट
भारत की विशाल युवा आबादी और मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे के दम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अगले एक दशक में देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 79 अरब डॉलर का अतिरिक्त योगदान दे सकती है। यह अनुमान आयर थिंक…
भारत की विशाल युवा आबादी और मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे के दम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अगले एक दशक में देश की अर्थव्यवस्था में लगभग 79 अरब डॉलर का अतिरिक्त योगदान दे सकती है। यह अनुमान आयर थिंक टैंक (Ayre Think Tank) की एक नई रिपोर्ट में लगाया गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, AI क्षमता के मामले में भारत 56 कॉमनवेल्थ देशों में 11वें स्थान पर है, लेकिन अपनी युवा शक्ति के कारण वैश्विक AI परिदृश्य में उसकी भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत कॉमनवेल्थ देशों में AI से होने वाले आर्थिक लाभ के मामले में दूसरा सबसे बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है। मध्यम अनुमान के अनुसार, AI अगले 10 वर्षों में भारत की जीडीपी में 79.1 अरब डॉलर जोड़ सकता है। हालांकि, यह आंकड़ा आशावादी परिदृश्य में 118.7 अरब डॉलर तक जा सकता है, जबकि सतर्क अनुमानों के तहत यह 39.6 अरब डॉलर रह सकता है।
युवा आबादी: भारत की सबसे बड़ी AI ताकत
रिपोर्ट भारत की जनसांख्यिकीय ताकत को AI आधारित अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत आधार मानती है। देश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 38.2 करोड़ युवा हैं, जो कॉमनवेल्थ देशों की कुल 73.2 करोड़ युवा आबादी का आधे से भी अधिक हिस्सा है। भारतीय युवाओं में AI को लेकर जबरदस्त उत्साह भी देखा गया है।
आंकड़े बताते हैं:
- करीब 89% युवा अगले एक साल के भीतर शिक्षा या रोजगार से जुड़े कामों में AI का उपयोग करना चाहते हैं।
- 60% से अधिक युवाओं का कहना है कि उन्हें AI-आधारित उपकरणों के साथ काम करने का आत्मविश्वास है।
चुनौतियां और सरकारी प्रयास
व्यापक 4जी कनेक्टिविटी और दुनिया में सबसे सस्ते मोबाइल डेटा में से एक होने के बावजूद, रिपोर्ट कुछ चुनौतियों की ओर भी ध्यान खींचती है। अभी भी केवल दो-तिहाई युवाओं के पास ही अपना मोबाइल फोन है। इसके अलावा, लगभग 30% युवा रोजगार, शिक्षा या प्रशिक्षण से बाहर हैं और 86% युवा कार्यबल असंगठित क्षेत्र में काम करता है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए AI आधारित कौशल विकास कार्यक्रम अहम हो सकते हैं।
आयर थिंक टैंक के संस्थापक कैल्विन आयर के अनुसार, भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं को रोजगार में बदलने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2026 में एक साल के भीतर एक करोड़ युवाओं को AI कौशल देने की योजना का जिक्र किया। इस घोषणा के बाद, सरकार ने इंटेल इंडिया के सहयोग से नए AI ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को उभरते तकनीकी रोजगार बाजार के लिए तैयार करना है।
इनपुट: IANS



