अदाणी पोर्ट्स का यूरोप में बड़ा कदम, 2.56 अरब यूरो में लिक्विड स्टोरेज कंपनी Evos को खरीदा
भारत के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने यूरोपीय बाज़ार में अपनी पहुँच बढ़ाते हुए एक बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी ने नीदरलैंड स्थित लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर…
भारत के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने यूरोपीय बाज़ार में अपनी पहुँच बढ़ाते हुए एक बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी ने नीदरलैंड स्थित लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर 'इवोस बी.वी.' को पूरी तरह से नकद सौदे में खरीद लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सौदा 2.56 अरब यूरो की एंटरप्राइज वैल्यू पर तय हुआ है।
इस समझौते के तहत, APSEZ ने 'इग्नियो इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स' से इवोस की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का करार किया है। यह अधिग्रहण कंपनी के वैश्विक विस्तार की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य एक अरब टन कार्गो संभालने की क्षमता हासिल करना है। कंपनी ने एक बयान में इस सौदे की पुष्टि की है।
क्या है यह सौदा और इसकी वित्तीय जानकारी?
इस डील के लिए फंड कर्ज के जरिए जुटाया जाएगा और इसे पूरा करने के लिए अभी कुछ रेगुलेटरी मंजूरियां और वर्क्स काउंसिल से परामर्श बाकी है। सौदे में इवोस का इक्विटी मूल्य 1.18 अरब यूरो आंका गया है। इवोस ने कैलेंडर वर्ष 2025 में 392 मिलियन यूरो की आय और 219 मिलियन यूरो का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) दर्ज किया था, जो 56 प्रतिशत का मजबूत मार्जिन दिखाता है। इस अधिग्रहण के बाद, संयुक्त इकाई का नेट डेट-टू-EBITDA अनुपात 2.76 गुना रहने का अनुमान है, जिसके वित्त वर्ष 2027 तक घटकर लगभग 2.5 गुना हो जाने की उम्मीद है।
इस अधिग्रहण से क्या बदलेगा?
इवोस यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी स्वतंत्र लिक्विड स्टोरेज ऑपरेटर है, जिसका मुख्यालय नीदरलैंड में है। यह नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, बेल्जियम और माल्टा में आठ बंदरगाह-आधारित टर्मिनलों का संचालन करती है। इन टर्मिनलों की कुल स्टोरेज क्षमता 6.3 मिलियन क्यूबिक मीटर है और ये एम्स्टर्डम-रॉटरडैम-एंटवर्प क्षेत्र, हैम्बर्ग और भूमध्यसागरीय क्षेत्र जैसे प्रमुख ऊर्जा और औद्योगिक केंद्रों में स्थित हैं।
APSEZ के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने इस अधिग्रहण को एक अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा, "एपीएसईजेड के लिए 'इवोस' एक महत्वपूर्ण अधिग्रहण है, जो हमें एक अरब टन कार्गो संभालने और एक वास्तविक वैश्विक, एकीकृत परिवहन प्लेटफॉर्म बनाने के हमारे लक्ष्य के करीब ले जाता है।" उन्होंने आगे कहा, "हम यूरोप के साथ साझेदारी करने, वहां सस्टेनेबल एनर्जी ट्रांजिशन में सहयोग देने और दीर्घकालिक मूल्य बनाने के लिए उत्सुक हैं। साथ ही, हम अपनी वित्तीय समझदारी को भी बनाए रखेंगे, जो हमारी विकास यात्रा का आधार है।"
इनपुट: IANS



