दिलजीत दोसांझ के शो की अनुमति पर 'आप' कर रही छोटी राजनीति: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा
गायक दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर को प्रस्तावित दिल्ली शो को अनुमति न मिलने पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) की…
गायक दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर को प्रस्तावित दिल्ली शो को अनुमति न मिलने पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) की आलोचना करते हुए कहा है कि वह सुरक्षा कारणों से लिए गए फैसले पर "छोटी राजनीति" कर रही है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मल्होत्रा ने 'आप' के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि किसान आंदोलन का समर्थन करने के कारण दोसांझ के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई।
हर्ष मल्होत्रा ने 'आप' के आरोपों को "पूरी तरह गलत और हास्यास्पद" बताया। उन्होंने याद दिलाया कि दिलजीत दोसांझ एक लोकप्रिय गायक हैं और 2014 से 2024 के बीच दिल्ली में कई कार्यक्रम कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसान आंदोलन के बाद भी, दिलजीत ने 26-27 अक्टूबर, 2024 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक बड़ा शो किया था।
सुरक्षा और त्योहारों का मौसम
भाजपा नेता ने दिल्ली पुलिस के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि मौजूदा समय पूरे देश में त्योहारों का मौसम है। उन्होंने कहा कि दिलजीत के कार्यक्रम में करीब एक लाख लोगों के आने की उम्मीद थी, जो पहले से ही दबाव में काम कर रही सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है। मल्होत्रा के अनुसार, "जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने संभवतः शो को अनुमति नहीं दी है।"
इसके अलावा, उन्होंने हाल में 'आप' समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शनों का भी जिक्र किया, जिनसे पुलिस पर दबाव बना है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विपक्ष ने 1 नवंबर को दिल्ली में एक रैली आयोजित करने की घोषणा की है।
MCD सदन में हंगामे की भी आलोचना
इसी बीच, दिल्ली भाजपा के एक अन्य नेता, प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने गुरुवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन में 'आप' पार्षदों द्वारा किए गए हंगामे की निंदा की। उन्होंने मांग की कि सदन में बाधा डालने वाले पार्षदों को दो महीने के लिए कार्यवाही से निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।
कपूर ने 'आप' पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जिन्हें प्रति तिमाही 25 लाख रुपए की विकास निधि अपर्याप्त लग रही है, उन्होंने अपनी सरकार के समय (2023-24 और 2024-25) पूरे साल के लिए भी इतनी राशि उपलब्ध नहीं कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान 'आप' सरकार स्थायी समिति और वार्ड समितियों का गठन करने में विफल रही, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए थे।
इनपुट: IANS



