गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल

पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ीं, उनसे जुड़ी 3 कंपनियों को 150 सरकारी टेंडर देने के मामले में SIT जांच

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में यह बात सामने आई है कि उनके मंत्री रहते हुए उनसे जुड़ी तीन कंपनियों को लगभग…

पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ीं, उनसे जुड़ी 3 कंपनियों को 150 सरकारी टेंडर देने के मामले में SIT जांच
(फोटो: IANS)

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में यह बात सामने आई है कि उनके मंत्री रहते हुए उनसे जुड़ी तीन कंपनियों को लगभग 150 सरकारी टेंडर दिए गए थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी टेंडर पर्यटन और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभागों से संबंधित थे, जिनका प्रभार सेन के पास था।

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यह पूरा मामला करोड़ों रुपये के फर्जी दुर्गा पूजा पास घोटाले से जुड़ा है, जिसमें यूनेस्को के टैग का इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि 2021 से 2026 के बीच पांच साल की अवधि के लिए ये 150 टेंडर उन्हीं तीन कंपनियों को आवंटित किए गए, जिनसे पूर्व मंत्री जुड़े थे। इसी अवधि में इंद्रनील सेन दोनों मंत्रालयों का कामकाज संभाल रहे थे।

टेंडर और कंपनियों पर नियंत्रण

कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों को कई तरह के काम सौंपे गए थे। इनमें रेड रोड कार्निवल, सड़कों की सजावट, अमिताभ बच्चन का जन्मदिन मनाना, दीघा के जगन्नाथ देव मंदिर में प्रसाद वितरण और अन्य जगहों पर मिठाइयां बांटने जैसे काम शामिल थे। बताया जा रहा है कि इन कंपनियों का रोजमर्रा का काम तो इंद्रनील सेन के करीबी विश्वासपात्र देखते थे, लेकिन उनके प्रबंधन पर पूर्व मंत्री का अप्रत्यक्ष रूप से पूरा नियंत्रण था।

पारिवारिक विवाद और विरोधाभासी बयान

इस जांच ने सेन परिवार के भीतर के विवाद को भी उजागर कर दिया है, खासकर उनकी पत्नी मधुचंदा सेन की कंपनी 'मास आर्ट' को लेकर। पुलिस का कहना है कि फर्जी यूनेस्को-टैग वाले दुर्गा पूजा पास की मार्केटिंग में इस कंपनी की भूमिका थी। एक तरफ पुलिस अधिकारियों का दावा है कि 'मास आर्ट' में सेन की भूमिका सीमित थी और सारे कॉर्पोरेट फैसले उनकी पत्नी लेती थीं, जो कंपनी की मालिक हैं। वहीं, पूछताछ में मधुचंदा सेन ने दावा किया है कि कंपनी पर उनका मालिकाना हक सिर्फ कागजों में था और सभी बड़े फैसले उनके पति इंद्रनील सेन और उनके सहयोगी ध्रुबोज्योति बसु ही लेते थे।

प्रमुख सहयोगी की गिरफ्तारी

ध्रुबोज्योति बसु को इस मामले में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के बाद से वह फरार था, लेकिन उसे बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। जांच अधिकारियों का मानना है कि बसु से पूछताछ के बाद 'मास आर्ट' में सेन और उनकी पत्नी की वास्तविक भूमिकाओं के बारे में और स्पष्टता आएगी। बसु को गुरुवार को कोलकाता की एक निचली अदालत में पेश किया जाएगा। जांच अधिकारी तीनों—सेन, उनकी पत्नी और बसु—से एक साथ पूछताछ करने की योजना बना रहे हैं ताकि उनके विरोधाभासी बयानों की सच्चाई का पता लगाया जा सके।

इनपुट: IANS

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News4Social पश्चिम बंगाल डेस्क

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