जम्मू-कश्मीर से 150 बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजने की तैयारी, वायुसेना के विमान से पश्चिम बंगाल लाया गया
जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए 150 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी लोगों को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक…
जम्मू-कश्मीर में पकड़े गए 150 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी लोगों को भारतीय वायु सेना (IAF) के एक विशेष विमान से श्रीनगर से पश्चिम बंगाल के बागडोगरा हवाई अड्डे पर लाया गया है।
यहां से उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। फिलहाल इन प्रवासियों को एक डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। अधिकारियों का प्रयास होगा कि आधिकारिक चैनलों के माध्यम से इनकी बांग्लादेश वापसी सुनिश्चित की जाए।
वापसी की प्रक्रिया और संभावित चुनौतियाँ
अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश द्वारा अपने नागरिकों को स्वीकार करने से इनकार करने की स्थिति में एक वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसी सूरत में इन प्रवासियों को सीमा पार 'धकेल' दिया जाएगा। यह प्रक्रिया 7 अक्टूबर को अमल में लाई जा सकती है, जिसमें लोगों को चरणबद्ध तरीके से सीमा पर बाड़ के पार ज़ीरो लाइन तक पहुँचाया जाता है, जिसके बाद वे खुद बांग्लादेश में प्रवेश करते हैं।
पश्चिम बंगाल क्यों?
यह पहली बार नहीं है जब BSF पश्चिम बंगाल में इस तरह की निर्वासन प्रक्रिया को अंजाम दे रही है। देश के विभिन्न हिस्सों, जैसे गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक से पकड़े गए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को अक्सर अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार भेजने के लिए पश्चिम बंगाल ही लाया जाता है। कुछ मामलों में बांग्लादेश अपने नागरिकों को वापस ले लेता है, जबकि कई बार वह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर देता है।
भविष्य में और निर्वासन की संभावना
सूत्रों का मानना है कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर से और भी अवैध प्रवासियों को इसी तरह पश्चिम बंगाल भेजा जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, कई राज्यों में मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) का काम चल रहा है, जिसके चलते आने वाले महीनों में और लोगों को निर्वासित किए जाने की संभावना है।
आंकड़ों के अनुसार, अकेले 2026 में ही पश्चिम बंगाल के रास्ते करीब 4,800 से 5,000 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश भेजा गया था। विदेश मंत्रालय ने संसद में बताया था कि 2009 से 2011 के बीच 23,653 लोगों को, जबकि गृह मंत्रालय के अनुसार 2014 तक 28,131 अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया गया था।
इनपुट: IANS



