यमन: चार दिन की भीषण लड़ाई में 117 मौतें, बड़े संघर्ष की आशंका गहरायी
यमन के पश्चिमी प्रांतों ताइज़ और होदेइदाह में पिछले चार दिनों से जारी भीषण संघर्ष ने एक बार फिर देश में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS ने चिकित्सा अधिकारियों के…
यमन के पश्चिमी प्रांतों ताइज़ और होदेइदाह में पिछले चार दिनों से जारी भीषण संघर्ष ने एक बार फिर देश में बड़े पैमाने पर युद्ध छिड़ने की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS ने चिकित्सा अधिकारियों के हवाले से बताया है कि गुरुवार से शुरू हुई इन झड़पों में सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों, दोनों पक्षों के कम से कम 117 लोग मारे जा चुके हैं।
यह हाल के वर्षों में पश्चिमी यमन में हुई सबसे बड़ी ज़मीनी लड़ाइयों में से एक मानी जा रही है। इसने उस अपेक्षाकृत शांति को भंग कर दिया है जो कई मोर्चों पर वर्षों से बनी हुई थी। यमन 2014 के अंत से ही गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हूती समूह ने राजधानी सना सहित देश के उत्तरी हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में हस्तक्षेप किया था।
दोनों पक्षों को भारी नुकसान
पश्चिमी तटीय मोर्चे पर मौजूद एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से 54 सरकारी सैनिकों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। वहीं, होदेइदाह प्रांत में हूती-प्रशासित अस्पतालों के दो चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, इन झड़पों में 63 हूती लड़ाकों की भी जान गई है। इस तरह मृतकों की कुल संख्या 117 तक पहुँच गई है।
हवाई हमले और ज़मीनी बढ़त
जानकारी के अनुसार, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास हूतियों के बड़े हमले का मुकाबला कर रही ज़मीनी सेना की मदद के लिए शुक्रवार को यमनी सरकार के लड़ाकू विमानों ने भी कार्रवाई की। विमानों ने होदेइदाह और ताइज़ के हूती-नियंत्रित इलाकों में उनके ठिकानों और गतिविधियों पर हवाई हमले किए। हालांकि, इन हमलों से हुए नुकसान का तत्काल कोई ब्योरा नहीं मिला है।
एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हूती लड़ाकों ने कई इलाकों में तेज़ी से बढ़त बना ली थी, लेकिन सरकारी बलों ने रात भर चले एक तेज़ जवाबी अभियान में पश्चिमी ताइज़ के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया। दोनों प्रांतों के कई मोर्चों पर अभी भी भारी लड़ाई जारी है।
इनपुट: IANS



