टीबी मुक्त भारत अभियान: सोलन की 44 पंचायतें सम्मानित, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों के साझा प्रयास रंग लाए
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले ने 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की कुल 44 पंचायतों को तपेदिक (टीबी) से मुक्त घोषित किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक…
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले ने 'टीबी मुक्त भारत अभियान' की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की कुल 44 पंचायतों को तपेदिक (टीबी) से मुक्त घोषित किया गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह सफलता पंचायती राज प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
सोलन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजय पाठक ने बताया कि इन पंचायतों को उनकी उपलब्धि के स्तर के आधार पर सम्मानित किया गया है। इनमें से 7 पंचायतों को लगातार तीन वर्षों तक टीबी मुक्त रहने के लिए 'गोल्ड मेडल' दिया गया है। वहीं, 6 पंचायतों को लगातार दो साल तक इस बीमारी से मुक्त रहने पर 'सिल्वर मेडल' से नवाज़ा गया है। इसके अलावा, 31 पंचायतें ऐसी हैं जिन्हें इसी वर्ष टीबी मुक्त घोषित किए जाने पर 'ब्रॉन्ज मेडल' मिला है।
टीबी मुक्त घोषणा के मानक
डॉ. पाठक ने स्पष्ट किया कि किसी भी पंचायत को टीबी मुक्त घोषित करने के लिए कुछ कड़े मानदंडों का पालन करना होता है। इनमें प्रमुख है कि प्रति एक हजार की आबादी पर कम से कम 30 लोगों की टीबी जांच की गई हो। इसके साथ ही, प्रति एक हजार की आबादी पर टीबी मरीजों की संख्या एक से कम होनी चाहिए। यह भी अनिवार्य है कि सभी चिह्नित मरीजों का इलाज पूरा हो, वे स्वस्थ हों और उन्हें 'निक्षय पोषण योजना' के तहत पोषण सहायता भी दी गई हो।
जागरूकता और जांच की अपील
सीएमओ ने कहा कि टीबी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और भेदभाव को खत्म करने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर जांच और सही इलाज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। डॉ. अजय पाठक ने लोगों से टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि शाम को बुखार आना, थकान, वजन घटना, कमजोरी, 10-14 दिनों तक खांसी और गले में गांठें टीबी के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच करानी चाहिए। जिन जगहों पर जांच सुविधा नहीं है, वहां से स्वास्थ्य विभाग सैंपल इकट्ठा कर जांच केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा।
इनपुट: IANS



