हिमाचल प्रदेश: कुल्लू के पहाड़ों में NCB का बड़ा अभियान, 61 एकड़ में लगी अवैध गांजे की फसल नष्ट
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े अभियान के तहत 61 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली गांजे (कैनाबिस) की अवैध खेती को नष्ट कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के…
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े अभियान के तहत 61 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली गांजे (कैनाबिस) की अवैध खेती को नष्ट कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई दुर्गम और ऊँचे पहाड़ी इलाकों में लगातार जारी है, जिसका उद्देश्य मादक पदार्थों को उनके स्रोत पर ही खत्म करना है।
यह संयुक्त अभियान NCB के नेतृत्व में चलाया जा रहा है, जिसमें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITबीपी), हिमाचल प्रदेश पुलिस और राज्य का वन विभाग भी सहयोग कर रहे हैं। इन एजेंसियों की टीमें मुश्किल पहाड़ी रास्तों से गुजरकर अवैध खेती तक पहुँच रही हैं और उसे नष्ट कर रही हैं। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैगिंग, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए हर कदम को रिकॉर्ड किया जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई और सरकारी विजन
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ फसल नष्ट करना नहीं है, बल्कि अवैध खेती के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाना भी है। यह अभियान केंद्र सरकार के 'नारकोटिक्स कंट्रोल पर विजन डॉक्यूमेंट (2026-29)' का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य 'नशा मुक्त भारत' बनाना है। इस रणनीति के तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
अन्य मामलों में भी NCB की सख्ती
NCB हाल के दिनों में मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में 2021 में 441 किलोग्राम गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष NDPS अदालत ने नौ तस्करों को 10 से 20 साल तक के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में 4 नवंबर, 2021 को शिकोहाबाद पुलिस ने एक ट्रक से यह खेप जब्त की थी और दो लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान दोषियों की 32.12 लाख रुपये की संपत्ति भी फ्रीज की गई थी।
इनपुट: IANS



