हजारीबाग: इलाज में लापरवाही से मौत का आरोप, सदर अस्पताल के खिलाफ सड़क पर उतरे परिजन
झारखंड के हजारीबाग में एक महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटना से नाराज परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने…
झारखंड के हजारीबाग में एक महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटना से नाराज परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को शहर के मेन रोड पर जाम लगाकर उग्र प्रदर्शन किया और मामले की जांच की मांग की।
मृतका की पहचान 36 वर्षीय मालती देवी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली थीं और हजारीबाग में किराए पर रहती थीं। परिजनों के मुताबिक, उनके पति मजदूरी करते हैं और अब उनके पीछे चार बच्चे रह गए हैं।
क्या हैं इलाज पर लापरवाही के आरोप?
परिजनों ने बताया कि रविवार को उल्टी और चक्कर आने की शिकायत पर मालती देवी को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच हजारीबाग सदर अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि डॉक्टर से जांच के बाद उन्हें एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके लगते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और 20 मिनट के भीतर ही उनकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि हालत बिगड़ने के दौरान अस्पताल में उनकी ठीक से निगरानी नहीं की गई और कुछ स्वास्थ्यकर्मी बातचीत व हंसी-मजाक में व्यस्त थे।
अस्पताल के रिकॉर्ड पर भी उठे सवाल
इस मामले में परिजनों ने सदर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अस्पताल के दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मालती देवी की मौत दोपहर करीब एक बजे हुई थी, जबकि अस्पताल के रिकॉर्ड में मृत्यु का समय शाम छह बजे दर्ज किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने उपचार से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच की मांग की ताकि मौत का सही कारण पता चल सके। उन्होंने यह भी मांग की कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
करीब एक घंटे तक चले सड़क जाम और प्रदर्शन के बाद पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया और जाम हटाया गया।
इनपुट: IANS



