इंडिया ब्लॉक की रैली 'ऐतिहासिक', सरकार 'रावण' का काम कर रही है: शिवसेना UBT सांसद अरविंद सावंत
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई 'इंडिया' गठबंधन की रैली को "ऐतिहासिक" बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली…
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद अरविंद सावंत ने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई 'इंडिया' गठबंधन की रैली को "ऐतिहासिक" बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली की तुलना 'रावण' से की और कहा कि यह आंदोलन केवल ज्ञानेश कुमार जैसे प्रतिनिधियों के खिलाफ नहीं, बल्कि असली सत्ता के खिलाफ है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सावंत ने कहा, "यह आंदोलन सिर्फ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं था, जो महज एक प्रतिनिधि हैं। वह तो सिर्फ एक कठपुतली हैं जिनकी डोर कोई और खींच रहा है।" उन्होंने कहा कि जब भी रामलीला मैदान में कोई आंदोलन होता है, तो 'रावण' की हार होती है।
पुलिस की भूमिका और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
मुंबई पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अरविंद सावंत ने कहा, "मैं पुलिस से पूछना चाहता हूं... आप वर्दी पहनते हैं। मैं हाथ जोड़कर आपसे विनती करता हूं, कृपया गुलाम मत बनिए।" उन्होंने तुषार गांधी को हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार दिया है और पुलिस को इसका सम्मान करना चाहिए। सावंत ने कहा, "उन्हें अनुमति दीजिए। उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है और हमें भी है। क्या हमारे संविधान में यही गारंटी नहीं दी गई है?"
दिल्ली रैली का अनुभव
सावंत ने रैली में जुटी भारी भीड़ का जिक्र करते हुए इसे पिछले 25-30 सालों में दिल्ली की सबसे बड़ी रैलियों में से एक बताया। उन्होंने कहा, "आप यकीन नहीं करेंगे... हम दोपहर 12 बजे मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास से निकले और दोपहर 3 बजे रामलीला मैदान के गेट पर पहुंचे। लोगों की भारी संख्या के कारण गाड़ियां एक इंच भी नहीं हिल पा रही थीं।"
विपक्ष पर 'ड्रामा' करने के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "ड्रामा तो आप लोग ही करते रहते हैं। आप रोते हैं, चिल्लाते हैं, दूसरों को गालियां देते हैं... देश और दुनिया देख सकती है कि असली ड्रामा क्वीन कौन हैं और उनमें से मुख्य अभिनेता कौन है।" सावंत ने यह भी कहा कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ही बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को सही मायनों में आगे बढ़ा रही है।
इनपुट: IANS



