Gurugram University: अगले साल गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए देना पड़ सकता है ऐंट्रेंस टेस्ट

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Gurugram University: अगले साल गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए देना पड़ सकता है ऐंट्रेंस टेस्ट

गुरुग्राम: सेंट्रल यूनिवर्सिटी की तर्ज पर अगले साल गुरुग्राम-फरीदाबाद के कॉलेजों में भी एंट्रेस टेस्ट के आधार पर एडमिशन हो सकते हैं। इसके लिए तैयारी चल रही है। यह जानकारी देते हुए गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो़ दिनेश कुमार ने बताया कि इस बार पहली बार सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) कराया है। बहुत सारे बच्चों को सीयूईटी के बारे में पता नहीं चला है। अगर इस साल सीयूईटी की तरह ही यहां पर प्रवेश परीक्षा ली जाती तो काफी बच्चों को दिक्कत होती और ऐसा भी होता कि वह एडमिशन से वंचित रह जाते।

इस बार गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में मेरिट के आधार पर ही एडमिशन होंगे, इस साल बच्चों को सीयूईटी के बारे में बताएंगे। अगर सीयूईटी प्रयोग सफल रहता है तो अगले साल इसको हम भी अपनाएंगे। अभी फिलहाल राज्य सरकार की किसी यूनिवर्सिटी में इसे अपनाया नहीं गया है।

हाल ही में हुआ था सीयूईटी
सेंट्रल यूनिवर्सिटी अब 12वीं के बाद नंबर के आधार पर नहीं बल्कि प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला लेगी। हाल ही में एडमिशन के लिए सीयूईटी हुआ। वहीं हायर एजेकेशन डिपार्टमेंट हरियाणा से जुड़ी एमडी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम यूनिवर्सिटी सहित प्राइवेट यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए नंबर गेम के खेल में इस बार भी फसेंगे। इनमें 12वीं पास हुए स्टूडेंट को एडमिशन मेरिट लिस्ट में नाम आने पर ही मिलेगा। जिले में गुरुग्राम यूनिवर्सिटी से जुड़े 9 सरकारी कॉलेज, 10 प्राइवेट यूनिवर्सिटी और करीब 6 प्राइवेट कॉलेज हैं। इनमें हजारों स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन करने के लिए एडमिशन लेते हैं।

यहां जारी होती कट ऑफ
हायर एजेकेशन डिपार्टमेंट से गुरुग्राम यूनिवर्सिटी, महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, प्राइवेट यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट एडेड प्राइवेट कॉलेज आदि जुड़े हैं। यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में ग्रेजुएशन करने के लिए एडमिशन के लिए हायर एजेकेशन डिपार्टमेंट के पोर्टल पर स्टूडेंट्स को आवेदन करना पड़ता है। स्टूडेंट्स जिस कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं उस कॉलेज के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अंकों के आधार पर स्टूडेंट्स की पहली दूसरी और तीसरी कटऑफ जारी होती है। जिन स्टूडेंट्स का नाम कटऑफ लिस्ट में आता है वह ऑनलाइन फीस जमा कर एडमिशन लेते हैं।

क्या कहना है शिक्षाविद् का
लीग में शामिल हो राज्य यूनिवर्सिटी

शिक्षा विद् अशोक दिवाकर का कहना है कि सीयूईटी नई एजुकेशन पॉलिसी का हिस्सा है। सीयूईटी विस्तार नीति है, इससे अच्छे बच्चे देश के कोने-कोने में फैल जाएंगे। नंबर गेम पर अंकुश लगेगा। हरियाणा सरकार को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। राज्य सरकार की जितनी भी यूनिवर्सिटी है, उनको केंद्रीय विश्वविद्यालय की लीग में शामिल होना चाहिए। इससे स्टूडेंट्स को काफी लाभ होगा। परीक्षा देकर एडमिशन पाने में स्टूडेंट्स को पता लग सकेगा कि वह आगे क्या कर सकता है।

बदलाव करने की जरूरत

शिक्षा विद् डॉ. सर्वानंद आर्य का कहना है कि यूनिवर्सिटी की संख्या काफी बढ़ी है और प्राइवेट यूनिवर्सिटी की भी संख्या काफी ज्यादा है। प्राइवेट यूनिवर्सिटी समझती है कि वह एकेडमिक मामलों में स्वतंत्र है। कंबाइंड परीक्षा को लेकर पहले चर्चा होनी चाहिए। कंबाइंड परीक्षा में दूसरे राज्यों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ सकता है, जिससे दिक्कतें बढ़ेंगी। इस प्रकिया में काफी बदलाव करने की जरूरत है। परीक्षा के सिस्टम को मजबूत करना होगा। हर स्टेट की यूनिवर्सिटी में उसी स्टेट के 50 फीसदी बच्चों को एडमिशन मिलना सुनिश्चित किया जाए।

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