गुरुग्राम: 'क्लीन एयर' अभियान में सड़कों की पड़ताल, 104 किलोमीटर में मिलीं 250 से ज़्यादा खामियां
दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुग्राम में सड़कों का एक व्यापक निरीक्षण किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करने के प्रयासों के तहत, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने गुरुग्राम में सड़कों का एक व्यापक निरीक्षण किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, 'ऑपरेशन क्लीन एयर' नामक इस अभियान के दौरान 104 किलोमीटर लंबे सड़क खंडों पर धूल, निर्माण कचरे और गड्ढों जैसी 258 कमियां पाई गईं।
यह विशेष अभियान 14 अक्टूबर को चलाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क पर जमी धूल की स्थिति और सफाई कार्यों के असर का आकलन करना था। इसके लिए चार विशेष उड़नदस्तों को तैनात किया गया था, जिन्होंने गुरुग्राम नगर निगम (MCG) और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अंतर्गत आने वाली सड़कों का जायजा लिया।
कहां और कितनी मिलीं खामियां?
निरीक्षण के दौरान कुल 52 सड़क खंडों की जांच की गई। इसमें से गुरुग्राम नगर निगम (MCG) के अधिकार क्षेत्र में आने वाली करीब 56 किलोमीटर सड़कों पर सबसे ज़्यादा 174 कमियां दर्ज की गईं। वहीं, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अधीन आने वाली लगभग 48 किलोमीटर सड़कों पर 84 खामियां पाई गईं।
जिन प्रमुख इलाकों की सड़कों का निरीक्षण किया गया, उनमें पालम विहार, पेस सिटी-1 व 2, सेक्टर 10, 21, 22, 23, 26, 27, 42, 43, 53, 54 और 56 के अलावा सिकंदरपुर, महरौली-गुरुग्राम रोड, द्वारका एक्सप्रेसवे, दौलताबाद रोड और धर्मपुर रोड शामिल थे। आयोग ने पाया कि सड़कों पर धूल, निर्माण व विध्वंस (C&D) कचरा, टूटे फुटपाथ और गड्ढे वायु प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं, क्योंकि वाहनों की आवाजाही से धूल वापस हवा में फैल जाती है।
कार्रवाई के सख्त निर्देश
CAQM ने इस रिपोर्ट के आधार पर MCG और GMDA समेत सभी संबंधित एजेंसियों को इन कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सड़कों की नियमित सफाई, धूल और कचरे को हटाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि नियमों के पालन में कोई लापरवाही पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अभियोजन भी शामिल हो सकता है। आयोग के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण उपायों की जमीनी हकीकत जानने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
इनपुट: IANS



