Guns Seize at IGI Airport: पति-पत्नी की जरा सी चूक से ऐसे पकड़ी गई अवैध पिस्तौल की खेप, IGI एयरपोर्ट 45 पिस्तौल के साथ पकड़ा गया था कपल

0
146

Guns Seize at IGI Airport: पति-पत्नी की जरा सी चूक से ऐसे पकड़ी गई अवैध पिस्तौल की खेप, IGI एयरपोर्ट 45 पिस्तौल के साथ पकड़ा गया था कपल

नई दिल्लीः IGI एयरपोर्ट पर 45 पिस्तौल के साथ पति-पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ इनकी दो साल की बेटी भी थी। दोनों वियतनाम से टी-3 उतरे थे। कस्टम जांच में इन्हें पकड़ लिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट के कस्टम कमिश्नर जुबैर रियाज कामिली ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में जगजीत सिंह (41) और इनकी पत्नी जसविंदर कौर (32) हैं। दोनों गुरुग्राम के रहने वाले हैं। कस्टम पूछताछ में जगजीत ने बताया कि 45 पिस्तौल से भरे दो बैग लेकर इसका बड़ा भाई मंजीत सिंह फ्रांस से आया था। टी-3 पर ये दोनों बैग उसने उन्हें दिए थे। पिस्तौल से भरे दोनों बैग देकर वह टी-3 से बाहर चला गया। यह सामान उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकालना था, लेकिन इससे पहले ही दोनों पकड़े गए।

कस्टम अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में पता लगा है कि ये लोग पिस्तौल दिल्ली-एनसीआर में बदमाशों और प्रॉपर्टी डीलरों को बेचने वाले थे। इसके लिए उनकी कई लोगों से डील भी हो गई थी। एनएसजी से भी जब्त की गईं पिस्तौलों की जांच कराई गई है। शुरुआती जांच में एनएसजी ने इन पिस्तौलों को असली बताया है।कस्टम अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में पता लगा है कि ये लोग पिस्तौल दिल्ली-एनसीआर में बदमाशों और प्रॉपर्टी डीलरों को बेचने वाले थे। इसके लिए उनकी कई लोगों से डील भी हो गई थी। एनएसजी से भी जब्त की गईं पिस्तौलों की जांच कराई गई है। शुरुआती जांच में एनएसजी ने इन पिस्तौलों को असली बताया है।

मेड इन इटली पिस्तौल कैसे पहुंची पैरिस से दिल्ली?

टेरर एंगल की भी हो रही जांच

15 अगस्त से पहले आईजीआई एयरपोर्ट पर पकड़ी गई मेड इन इटली 45 अवैध पिस्तौल के मामले में टेरर एंगल को ध्यान में रखते हुए भी जांच की जाएगी। कस्टम अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ी तो इस मामले में एनआईए और स्पेशल सेल जैसी एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है। फरार आरोपी मंजीत सिंह की एलओसी भी ओपन करा दी गई है।

आखिर पैरिस से कैसे आ गई अवैध पिस्टल की इतनी बड़ी खेप?

Copy

इतनी बड़ी संख्या में ये अवैध पिस्तौल पैरिस से दिल्ली तक कैसे आ गईं? क्या पैरिस से टेक ऑफ करने से पहले वहां इनके लगेज की कोई जांच नहीं की गई? क्या पैरिस या फिर दिल्ली एयरपोर्ट का कोई कर्मचारी पिस्टल की तस्करी में मिला हुआ है? इन तमाम सवालों के जवाब में कस्टम अधिकारियों का कहना है कि पिस्तौल एयर फ्रांस की फ्लाइट से पैरिस से दिल्ली एयरपोर्ट लाई गई थीं। इसके लिए वह एयर फ्रांस को नोटिस देकर मामले की जानकारी लेंगे। पैरिस या दिल्ली एयरपोर्ट के किसी कर्मचारी के इस मामले में मिलीभगत को लेकर भी कस्टम अधिकारी जांच कर रहे हैं। इसके लिए टी-3 में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी।

​पति-पत्नी के दिए गए अलग-अलग जवाब से हुआ खुलासा

45 अवैध पिस्टल की खेप शायद इस बार भी ना पकड़ी जाती। अगर दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल पार करते वक्त कस्टम अधिकारी इनसे यह जानने की कोशिश ना करते कि वह कहां से आ रहे हैं? कस्टम अधिकारियों को इस सीधे से सवाल के दो अलग जवाब मिले। जगजीत ने कस्टम से कहा कि वे फ्रांस से आ रहे हैं जबकि इनकी पत्नी ने कहा कि वियतनाम से। पति-पत्नी के दोनों अलग बयान सुनकर कस्टम अधिकारी थोड़ा हैरान हुए। फिर इनकी दो ट्राली में रखे लगेज की जांच की तो इनमें किसी एयरलाइंस का टैग दिखाई नहीं दिया। शक के आधार पर दोनों बैग का एक्स-रे किया गया तो कस्टम अधिकारी हैरान रह गए। इनमें पिस्तौल भरी हुई थीं। इसके बाद कस्टम के आला अधिकारियों को इसकी खबर दी गई और इन्हें पकड़ लिया गया।

पहले भी 25 अवैध पिस्तौल ला चुके हैं आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि इसी तरह से वह पहले भी 25 पिस्तौल पैरिस से दिल्ली एयरपोर्ट ला चुके हैं। ऐसा करीब 7 महीने पहले किया गया था। गिरफ्तार आरोपी का बड़ा भाई पैरिस से 25 पिस्तौल टी-3 लेकर लैंड किया, छोटे भाई और उसकी पत्नी ने इन पिस्तौलों को टी-3 से बाहर निकाला था। यह कपल वियतनाम से दिल्ली आया था जबकि इनका बड़ा भाई पैरिस से। दोनों की फ्लाइट दिल्ली आने में करीब 30 मिनट का अंतर रहता है। इसी तरह से ये अब 10 जुलाई की आधी रात को 45 पिस्तौलों को बाहर ले जाने की फिराक में थे।

15-20 हजार की पिस्तौल को 1 लाख तक में बेचा जाता था

दरियागंज, द्वारका और गुरुग्राम के मिले एड्रेस

गिरफ्तार कपल से कस्टम पूछताछ में पहले दरियागंज में एक दुकान के एड्रेस का पता लगा। अधिकारी दरियागंज आए, लेकिन बताए गए पते पर कोई दुकान नहीं थी। इसी तरह से इन्होंने द्वारका और सोहना रोड गुरुग्राम के भी दो एड्रेस बताए। कस्टम अधिकारी बताए गए एड्रेस पर पहुंचे। यहां द्वारका वाला फ्लैट सील कर दिया गया। जबकि गुरुग्राम वाले एड्रेस पर फरार मंजीत का परिवार मिला। गिरफ्तार कपल की दो साल की बेटी को इनके परिवार को सौंप दिया गया है। आरोपी मूलरूप से लुधियाना के रहने वाले बताए गए हैं।

80 हजार से एक लाख रुपये की बेचते थे इन पिस्तौल को

आरोपियों ने बरामद पिस्तौलों के बारे में बताया कि ये पिस्तौल इटली में बनी हुई हैं। यह वहां से कैसे आईं। इसकी जानकारी इसके फरार बड़े भाई को ही है। दिल्ली में पिस्तौल को वे 80 हजार से एक लाख रुपये में बेचते थे। विदेश से एक पिस्तौल करीब 15 से 20 हजार रुपये में खरीदी गईं।

दिल्ली की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Delhi News

Source link