ग्रेटर नोएडा: गड्डियों में ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर चलाते थे नकली करेंसी, 3 गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो बेहद शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाने की फिराक में था। ये गिरोह 100-100 रुपए के नकली नोटों की गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट…
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो बेहद शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाने की फिराक में था। ये गिरोह 100-100 रुपए के नकली नोटों की गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर लोगों को धोखा देने की तैयारी कर रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से करीब 2.54 लाख रुपए के जाली नोट बरामद हुए हैं।
यह कार्रवाई ईकोटेक-1 थाने की पुलिस और ग्रेटर नोएडा जोन की एसओजी टीम ने एक संयुक्त अभियान के तहत की। पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर की रात करीब 10:47 बजे सिरसा गोल चक्कर पर वाहनों की जांच चल रही थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो कार को रोका गया, जिसमें सवार तीन युवकों की तलाशी लेने पर यह पूरा मामला सामने आया।
छापेमारी और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अलीगढ़ निवासी बंटी अत्री (23), खुशदील (21) और उपेंद्र कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 100 रुपए के 2,549 जाली नोट बरामद किए, जिनका कुल मूल्य 2,54,900 रुपए है। एक हैरान करने वाली बात यह थी कि बरामद किए गए सभी नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर छपा हुआ था।
नोटों के अलावा, पुलिस ने मौके से एक प्रिंटर, एक पेपर कटिंग मशीन, एक स्कॉर्पियो कार (जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर हरियाणा का है) और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपनी कार्यप्रणाली का खुलासा किया। वे पहले असली नोट को स्कैन करते थे और फिर प्रिंटर की मदद से हूबहू नकली नोट छापते थे। छपाई के बाद, कटिंग मशीन से उन्हें नोट के आकार में काटा जाता था।
लोगों को धोखा देने के लिए वे नकली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे एक-एक असली नोट लगा देते थे, ताकि पहली नजर में पूरी गड्डी असली लगे। इसके अलावा, गड्डी के दोनों तरफ रबर बैंड से केनरा बैंक के डिपॉजिट फॉर्म भी लगा दिए जाते थे, जिससे शक की कोई गुंजाइश न रहे।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ ईकोटेक-1 थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इन जाली नोटों को कहां-कहां खपाने की योजना थी। मामले की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



