त्योहारों से पहले सोना-चांदी खरीदने का मौका, रिकॉर्ड स्तर से सोना ₹50,000 और चांदी ₹2.28 लाख सस्ती
त्योहारों और शादियों के मौसम से ठीक पहले सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। वैश्विक और घरेलू बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी…
त्योहारों और शादियों के मौसम से ठीक पहले सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। वैश्विक और घरेलू बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा, जिससे सोना और चांदी अपने रिकॉर्ड ऊंचे स्तर से काफी नीचे आ गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरावट से धनतेरस और दिवाली पर खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा मिल सकता है।
मंगलवार, 27 अक्टूबर को भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में ही दबाव देखा गया। दिन के कारोबार के दौरान सोना 0.43% गिरकर 1,42,216 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी में 2.1% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 1,91,516 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्रा-डे लो तक फिसल गई।
रिकॉर्ड कीमतों से भारी गिरावट
इस साल 29 जनवरी को सोने ने करीब 1,93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था, जबकि चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक शिखर पर पहुंच गई थी। मौजूदा भावों से तुलना करें तो सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 50,784 रुपये सस्ता हो चुका है, वहीं चांदी की कीमत में करीब 2,28,532 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कमी आई है।
गिरावट के पीछे वैश्विक कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कारक हैं। ऊंची ब्याज दरों की आशंका, कमजोर निवेश मांग और वैश्विक बाजारों में लगातार हो रही बिकवाली का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में मंगलवार को सोना 0.54% गिरकर 4,016.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब है। वहीं, चांदी 2.73% की गिरावट के साथ 52.855 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक और ब्याज दरों पर उसके रुख पर टिकी हैं।
बाजार का तकनीकी विश्लेषण
विश्लेषकों के अनुसार, MCX पर सोने के लिए 1,43,000 से 1,43,700 रुपये का स्तर एक महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। यदि कीमतें इसके ऊपर टिकती हैं, तो बाजार में स्थिरता आ सकती है। दूसरी ओर, 1,40,000 से 1,41,000 रुपये का क्षेत्र एक मजबूत समर्थन (सपोर्ट) का काम कर सकता है। इसी तरह, चांदी के लिए 2 लाख से 2.02 लाख रुपये का स्तर प्रतिरोध और 1.92 लाख से 1.94 लाख रुपये का स्तर समर्थन माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बिकवाली का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है और बाजार में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इनपुट: IANS



