शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
देश

GMADA केस: ED की छापेमारी में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया पर गंभीर आरोप, 26 ठिकानों पर कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में दिल्ली…

GMADA केस: ED की छापेमारी में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया पर गंभीर आरोप, 26 ठिकानों पर कार्रवाई
(फोटो: IANS)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर तलाशी और सर्वे किए गए, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेताओं सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया की संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

विज्ञापन

यह पूरी जांच सीबीआई की एक FIR पर आधारित है, जिसमें मेसर्स तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों पर 238 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी का आरोप है कि जांच में बड़े पैमाने पर नकद लेन-देन और वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं।

जांच के केंद्र में GMADA और कई कंपनियां

ईडी की कार्रवाई मुख्य रूप से तिरुपति इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों जैसे रेमिगेट बिल्डएस्टेट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, एमबी इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड, मेरा बाबा रियल्टी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड और मेरा बाबा इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों और निदेशकों पर केंद्रित थी। इसके अलावा, GMADA और पंजाब सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग के कार्यालयों में भी सर्वे किया गया ताकि सबूत जुटाए जा सकें।

सत्येंद्र जैन पर नीतिगत फैसले प्रभावित करने का आरोप

एजेंसी ने दावा किया है कि सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया GMADA के अधिकारियों के साथ नियमित रूप से अनौपचारिक बैठकें करते थे। ईडी के अनुसार, GMADA की नई नीलामी, अधिग्रहण और मुआवजा तय करने जैसे अहम फैसले कथित तौर पर सत्येंद्र जैन के निर्देशों पर लिए जाते थे। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारी महत्वपूर्ण फाइलें लेकर चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित एक घर में जैन से मिलते थे, जहां मास्टर प्लान में बदलाव जैसे नीतिगत मामलों पर चर्चा होती थी। यह घर पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन सनी सिंह अहलूवालिया के नाम आवंटित बताया गया है।

हजारों करोड़ के नुकसान की आशंका

ईडी ने एक बेहद गंभीर आरोप में कहा है कि नीलामी से पहले GMADA के नहीं बिके लैंड बैंक की रिजर्व कीमत को गलत तरीके से कम किया गया। एजेंसी के मुताबिक, इसका मकसद बिल्डरों और राजनेताओं को फायदा पहुंचाना था, जिससे सरकारी खजाने को करीब 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता था। जांच में यह भी सामने आया कि मेसर्स रेमिगेट इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को वैधानिक बकाया माफ करके लगभग 57 करोड़ रुपए का अनुचित लाभ दिया गया, जिसमें GMADA के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका है।

कार्रवाई और पंजाब सरकार की याचिका

इस तलाशी और सर्वे अभियान के दायरे में कई वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों के जब्त किए गए मोबाइल फोन से कुछ राजनेताओं के रिश्तेदारों को हवाला भुगतान से जुड़ी चैट मिलने का भी दावा किया गया है। इस कार्रवाई के बीच, पंजाब सरकार ने 23 सितंबर की देर रात बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसके अधिकारियों को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। हालांकि, ईडी ने स्पष्ट किया कि GMADA कार्यालय आम जनता के लिए पूरी तरह खुला था और किसी की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई थी।

इनपुट: IANS

N

News4Social नेशनल डेस्क

News4Social नेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से राष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →