“गिलगिट-बाल्टिस्तान भी भारत का एक हिस्सा है”

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गिलगिट-बाल्टिस्तान
गिलगिट-बाल्टिस्तान

जब से भारत ने जम्मू और कश्मीर (जम्मू-कश्मीर) से धारा 370 को रद्द किया है तब से पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। पाकिस्तान भारत के फैसले के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए दुनिया के कई देशों से समर्थन मांग चुका है लेकिन उसे कहीं समर्थन नहीं मिला बल्कि शर्मिंदा अलग से होना पड़ा है।

गिलगिट-बाल्टिस्तान के एक्टिविस्ट स्लेज एच सेरिंग ने पाकिस्तान की बेइज़्ज़ती की है। उन्होंने कहा कि गिलगिट-बाल्टिस्तान भी भारत का एक हिस्सा है।

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रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में सेरिंग ने सुझाव दिया कि “गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का एक हिस्सा है।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सदस्यों से पाकिस्तान की भूमिका को परखने का आग्रह किया।

सेरिंग ने आरोप लगाया कि 1984 में राज्य विषय नियम को समाप्त करके, इस क्षेत्र में पाकिस्तान ‘जनसांख्यिकीय परिवर्तन’ कर रहा है। “आप आश्चर्यचकित होंगे कि जबकि पाकिस्तान कश्मीरी लोगों का वकील बनने की कोशिश कर रहा है, जबकि उसे यहाँ जनसांख्यिकी को बड़े पैमाने पर बदल दिया है।

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वर्तमान में गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का एक हिस्सा है और पश्चिम में खैबर पख्तूनख्वा और दक्षिण में जम्मू और कश्मीर से घिरा है। वर्तमान में गिलगित-बाल्टिस्तान एक अर्ध-प्रांतीय स्थिति का स्टेटस रखता है। यह कोई राज्य नहीं है।

लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा देने के भारत के कदम की सराहना करते हुए गिलगिट-बाल्टिस्तान के एक्टिविस्ट स्लेज एच सेरिंग ने कहा, ” लद्दाख में को केंद्रशासित बनाकर भारत ने अच्छा काम किया है। एक दिन काश ऐसा हो कि गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत सरकार द्वारा केंद्र शासित प्रदेश बने।”