Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू हुआ खतरनाक, कारोबारी के बेटे आयुष गोयल की मौत

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Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू हुआ खतरनाक, कारोबारी के बेटे आयुष गोयल की मौत

Ghaziabad News: गाजियाबाद में डेंगू हुआ खतरनाक, कारोबारी के बेटे आयुष गोयल की मौत

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लोगों को बाढ़ से राहत मिली तो अब डेंगू ने दस्तक दे दी है। इतना ही नहीं डेंगू ने एक 20 वर्षीय युवक की जान ले ली। बताया जा रहा है कि करीब 3 दिन पहले युवक की तबीयत खराब हुई। जिसके बाद चिकित्सक से दवाई दिलवाई गई, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। अस्पताल में जांच कराई गई तो जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। चिकिसकों ने डेंगू का इलाज शुरू किया, लेकिन उसके बाबजूद भी युवक को आराम नहीं हुआ और आखिरकार युवक जिंदगी से हार गया।

जानकारी के मुताबिक, कूलर के कारोबारी राकेश गोयल का 20 वर्षीय बेटा आयुष गोयल को 3 दिन पहले बुखार आया, जिसकी दवाई दी गई, लेकिन जब आराम नहीं आया तो उसकी जांच कराई गई, जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई। जिसके बाद आयुष को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन आयुष की तबीयत में सुधार नहीं आया। मंगलवार को आयुष की मौत हो गई। जिसके बाद से घर में कोहराम मच गया और इसकी जानकारी अन्य व्यापारियों को मिली तो शोक छा गया। आयुष के पिता एक बड़े कारोबारी हैं और उनके मामा भी बड़े कारोबारियों हैं।

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल से सूचना प्राप्त हुई थी। एक 21 वर्षीय आयुष गोयल नाम के मरीज, जोकि राजनगर गाजियाबाद का रहने वाला है। उसके मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन से ड्रोन होने के कारण मृत्यु हो गई है। यह एनएस-1 डेंगू घटनात्मक भी थे। उन्होंने बताया कि यह मरीज 27 जुलाई को अपने परिजनों के साथ हरिद्वार घूमने के लिए गया था। जहां उनकी अचानक तबीयत खराब हुई और बुखार महसूस हुआ। जिसके लिए वहां पर दवाई भी ली गई, लेकिन गाजियाबाद वापस आने पर उसी रात प्राइवेट चिकित्सक डॉ. अमित राय राजनगर गाजियाबाद में उपचार कराया गया।

आराम ना आने के बाद परिजनों ने शनिवार यानी 29 जुलाई को खून की जांच कराई, जिसमें प्लेटलेट 150000 पाई गई मरीज को यूरिन और स्टूल पास करने में भी काफी परेशानी हो रही थी। यानी उसकी हालत बिगड़ती चली गई। रविवार 30 जुलाई को शाम 6:38 पर यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के द्वारा अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में दिनांक 31 जुलाई को खून की जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई थी। जिला सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि डेंगू और अन्य बीमारियों की रोकथाम के लिए जगह-जगह कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है और लोगों को इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।

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