Ghaziabad News: कोरोना का तनाव उड़ा रहा लोगों के बाल, त्वचा के संक्रमण और बाल झड़ने की परेशानी

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Ghaziabad News: कोरोना का तनाव उड़ा रहा लोगों के बाल, त्वचा के संक्रमण और बाल झड़ने की परेशानी

गाजियाबाद
गाजियाबाद में पोस्ट कोविड में लोगों को कई तरह की बीमारियां हो रही हैं। इनमें बाल झड़ने और त्वचा के संक्रमण की परेशानी भी शामिल है। संक्रमण से उबरने के एक से सवा महीने बाद बहुत से लोगों को त्वचा पर एलर्जी और बाल झड़ने की परेशानी सामने आ रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाल झड़ने की परेशानी पोस्ट कोविड से कम और मानसिक तनाव से ज्यादा हो रही है। सरकारी अस्पताल में इस तरह के रोजाना 10 से 12 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि निजी क्लिनिकों में पहुंचने वाले मरीजों में इनका प्रतिशत 40 से भी ज्यादा है।

मानसिक तनाव बन रहा कारण
सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) डॉ. भावुक मित्तल बताते हैं कि उनके पास आने वाले मरीजों में 40 फीसदी से ज्यादा मरीज बाल झड़ने की परेशानी बता रहे हैं। इनमें स्किन इन्फेक्शन वाले मरीज भी शामिल हैं। डॉ. भावुक के अनुसार, बाल झड़ने की परेशानी शारीरिक से ज्यादा मानसिक है।

कोविड से उबरने के लगभग एक से सवा महीने बाद लोगों को बाल गिरने की परेशानी हो रही है। इसमें वायरस का कोई इफेक्ट नहीं है, बल्कि संक्रमण के दौरान उससे उबरने के बाद घर में बंद रहने के कारण होने वाला मानसिक तनाव है। इसके अलावा नौकरी जाने और आर्थिक तंगी से भी लोगों को मानसिक तनाव हो रहा, जिससे कई तरह की बीमारियां हो रही हैं।

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पौष्टिक आहार न मिलना भी बड़ा कारण
जिला एमएमजी अस्पताल के सीनियर स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. एके दीक्षित का कहना है कि बाल झड़ने की परेशानी के पीछे तनाव और पौष्टिक आहार ना मिलना भी है। बालों के गिरने की परेशानी को टेलोजेन एफ्लुवियम (टीई) कहते हैं।

कोरोना से उबरने के बाद बहुत से लोगों में यह परेशानी सामने आ रही है। संक्रमण के चलते भी तनाव होता है। तनाव के चलते बालों को फोलिकल को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन नहीं मिल पाती और वे शिथिल पड़ जाते हैं। ऐसे में बालों का झड़ना शुरू हो जाता है।

योग और मेडिटेशन के जरिए दूर करें तनाव
जिला अस्पताल स्थित एनसीडीसी क्लीनिक के मनोचिकित्सक डॉ. साकेत नाथ तिवारी का कहना है कि मानसिक तनाव के चलते कई तरह की परेशानियां होती। इनमें हमेशा थकान महसूस करना, कमजोरी, भूख ना लगना, नींद नहीं आना, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन और एंजाइटी भी शामिल हैं। डॉ. तिवारी ने कहा कि कोरोना के दौरान और उससे उबरने के बाद लोगों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। योग और मेडिटेशन के जरिए तनाव को दूर करने का प्रयास करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

सांकेतिक तस्वीर

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