Gai ghat remand home : बयानों को तोड़ा मरोड़ा जा रहा…. हाई कोर्ट का आदेश पीडि़ता को दें लीगल एड…. अगली सुनवाई 25 को

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Gai ghat remand home : बयानों को तोड़ा मरोड़ा जा रहा…. हाई कोर्ट का आदेश पीडि़ता को दें लीगल एड…. अगली सुनवाई 25 को

| नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Feb 11, 2022, 2:18 PM

पटना हाई कोर्ट ने रिमांड होम मामले में आज दूसरी सुनवाई की। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 फरवरी का वक्‍त दिया है। कोर्ट ने पीडि़ता की सभी बातों को ध्‍यान में रखते हुए कहा कि थाने में उसके बयानों को तोड़ मरोड़ कर प्रस्‍तुत किया जा रहा है इस लिए उसके बयान कराने के लिए अच्‍छे व्‍यवहार वाली महिला दी जाए ताकि वह स्‍वतंत्र रूप से अपना बयान दर्ज करवा सके। वहीं लड़की को लीगल एड प्रोवाइड करने का भी आदेश दिया है।

 

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प्रतीकात्‍मक चित्र

पटना : पटना हाईकोर्ट में (patna high court) आज गाय घाट रिमांड होम मामले की दूसरी सुनवाई हुई। इस मामले में पीडि़ता की वकील मीनू कुमारी ने बताया कि आज इस पूरे मामले में कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन बातों को सरकार और समाज कल्‍याण विभाग ओरली कह रहा है, उसे एफिडेविट के रूप में प्रस्‍तुत करे। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पीडि़ता को लीगल एड सर्विसेज (provide legal) प्रदान किया जाए। ताकि उसे सुरक्षा और कानूनी मदद दोनों मिल सके। वहीं पटना हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई करने का वक्‍त 25 फरवरी मुकर्रर किया है। बता दें कि गाय घाट रिमांड होम मामले को स्‍वत: संज्ञान लेने के बाद कोर्ट इस मामले को तेज गति से निबटाना चाहता है। जिसके लिए तारीखें जल्‍दी जल्‍दी रखी जा रही है।navbharat times -Gai Ghat Remand Home : दूसरी पीडि़ता आई सामने, बताया वंदना गुप्‍ता ने मुजफ्फरपुर में किया मेरा सौदा, शिकायत दर्जकोर्ट ने थाने में हुई बदसलूकी को भी संज्ञान लिया है। पटना हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि पीडि़ता को एक अच्‍छे व्‍यवहार वाली महिला दी जाए जो पीडि़ता को इंडिपेंडेंट गवाही दर्ज कराने में म दद करे। कोर्ट ने इस बात को पूरी तरीके ध्‍यान रखा है कि पीडि़ता के साथ किस तरीके का व्‍यवहार हुआ है। मीनू कुमारी ने बताया कि इस बात को ध्‍यान रखते हुए माननीय कोर्ट ने कहा कि पीडि़ता थाने में पीडि़ता के बयान (victim’s statement) को तोड़ मरोड कर प्रस्‍तुत किया जा रहा है।
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इस लिए कोर्ट की ओर से ये आदेश दिया गया है कि डिस्‍ट्रक्‍ट लेवल एड सिर्विसेज उसे उपलब्‍ध कराया जाए। इसके चेयर मैन सीजीएम होते हैं जो स्‍टेट अथॉरिटी प्रदान करती है। इस एड के जरिए पीडि़ता को कानूनी सलाहकार वकील और केस के लिए जरूरी सहूलियत प्रदान किया जा सकेगा। मीनू कुमारी ने बताया कि कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 10 दिन का समय दिया है।
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Web Title : victim’s statement is being presented in a twisted way provide legal aid to the victim patna high court
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