खोया-पनीर, मांस-मछली की सुरक्षा पर FSSAI का नया आदेश, कारोबारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी
त्योहारों और बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक अहम कदम उठाया है। प्राधिकरण ने खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य…
त्योहारों और बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक अहम कदम उठाया है। प्राधिकरण ने खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए रविवार को एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये उत्पाद ग्राहकों तक पहुंचने तक हर स्तर पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बने रहें।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, FSSAI ने सभी खाद्य कारोबार संचालकों (FBOs) को सप्लाई चेन के हर चरण में, यानी उत्पादन से लेकर भंडारण और परिवहन तक, निर्धारित तापमान बनाए रखने का कड़ाई से निर्देश दिया है। प्राधिकरण ने पाया कि अक्सर इन नाशवान उत्पादों को सही तापमान पर नहीं रखा जाता, जिससे उनमें हानिकारक बैक्टीरिया पनपने और खाद्य सामग्री के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
तापमान और स्वच्छता पर विशेष जोर
FSSAI ने अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के तहत स्वच्छता संबंधी नियम पहले से मौजूद हैं, लेकिन उनका पालन ठीक से नहीं हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में प्राधिकरण ने कहा, "खाद्य एवं खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने आपूर्ति शृंखला में नियंत्रित तापमान स्थितियों के तहत खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे नाशवान खाद्य पदार्थों के प्रबंधन, भंडारण और परिवहन के संबंध में एक सलाह जारी की है।"
प्राधिकरण के अनुसार, तापमान संबंधी लापरवाही न सिर्फ खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है और इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
कारोबारियों के लिए अनिवार्य नियम
FSSAI ने सभी संबंधित कारोबारियों के लिए कुछ खास निर्देश जारी किए हैं:
- परिवहन: खाद्य पदार्थों को केवल साफ-सुथरे, ढके हुए और स्वच्छ वाहनों में ही ले जाया जाए।
- तापमान: भंडारण और परिवहन के दौरान निर्धारित तापमान बनाए रखना अनिवार्य है।
- पैकेजिंग: पैकिंग सिर्फ फूड-ग्रेड सामग्री में ही होनी चाहिए। उत्पादों को बोरे या अन्य गैर-फूड ग्रेड चीजों में रखने से बचना होगा।
- सुरक्षा: उत्पादों को धूल, नमी, कीड़ों और किसी भी तरह के नुकसान से बचाना होगा।
- रिकॉर्ड: कारोबारियों को माल की पूरी जानकारी और ट्रेसबिलिटी का रिकॉर्ड रखना होगा, जिसे मांगे जाने पर प्रस्तुत करना होगा।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
FSSAI ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, भारतीय रेलवे और अपने क्षेत्रीय निदेशकों को निर्देश दिया है कि वे नियमित निरीक्षण के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। प्राधिकरण ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में खाद्य सामग्री को जब्त करके नष्ट भी किया जा सकता है।
इनपुट: IANS



