भारत में कैंपस खोलें फ्रांसीसी शिक्षण संस्थान, शिक्षा मंत्री ने दिया न्योता
भारत ने फ्रांस के उच्च शिक्षण संस्थानों को देश में अपने कैंपस स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांसीसी संस्थानों को विशेष रूप से गुजरात की गिफ्ट सिटी और…
भारत ने फ्रांस के उच्च शिक्षण संस्थानों को देश में अपने कैंपस स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने फ्रांसीसी संस्थानों को विशेष रूप से गुजरात की गिफ्ट सिटी और उन औद्योगिक क्षेत्रों में कैंपस खोलने का सुझाव दिया है, जहां फ्रांसीसी कंपनियों को तकनीकी रूप से कुशल मानव संसाधन की ज़रूरत है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह प्रस्ताव सोमवार को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच हुई एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक में रखा गया।
इस अहम बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैपटिस्ट ने हिस्सा लिया। बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच शैक्षणिक संबंधों को और गहरा करना था। इस दौरान छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं की आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
सहयोग के नए अवसर
बैठक में शिक्षा और अनुसंधान के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों मंत्रियों ने जीवन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी जैसे विषयों में मिलकर काम करने की संभावनाओं पर विचार किया। इसके अलावा, भाषा और शिक्षक प्रशिक्षण (टीचर्स ट्रेनिंग) कार्यक्रमों को मजबूत करने और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के अवसरों पर भी सहमति बनी। डिजिटल शिक्षा में दोनों देशों के अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने पर भी बात हुई।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग, भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026' शिक्षा, अनुसंधान और इनोवेशन में साझेदारी को और मजबूत करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान कर रहा है।
नवाचार और अनुसंधान पर ज़ोर
दोनों पक्षों ने अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान आधारित साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया। इस संदर्भ में, प्रल्हाद जोशी ने फ्रांस के नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स 2026' की मेजबानी में सहयोग के लिए फ्रांसीसी सरकार का आभार व्यक्त किया। यह मंच भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर देता है। बैठक में पारस्परिक योग्यता मान्यता (Mutual Recognition of Qualifications - MRQ) समझौते में संशोधन के विषय पर भी चर्चा की गई।
इनपुट: IANS



