फॉर्म-6 विवाद: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद AAP ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बोला हमला, मांगा इस्तीफा
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सुप्रीम कोर्ट…
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना मनमाने ढंग से बदलाव करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 'आप' नेताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद स्पष्ट किया है कि उसने ऐसे किसी बदलाव की अनुमति नहीं दी थी।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का कथित झूठ सामने आ गया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस रिलीज में इन बदलावों को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी से जोड़ने का दावा किया था, लेकिन अब अदालत की टिप्पणी से यह दावा गलत साबित हुआ है। सिसोदिया के अनुसार, यह एक बेहद गंभीर मामला है क्योंकि इससे नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाना मुश्किल हो सकता है, जो उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
चुनाव आयोग पर क्या हैं AAP के आरोप?
मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने न तो सुप्रीम कोर्ट की अनुमति ली और न ही दोनों साथी चुनाव आयुक्तों की सहमति हासिल की। उन्होंने कहा कि इन बदलावों के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।
'आप' के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। उन्होंने 26 सितंबर 2026 को जारी एक प्रेस नोट का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने फॉर्म-6 में बदलाव को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जोड़कर पेश किया था। भारद्वाज के मुताबिक, सोमवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसा कोई आदेश देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के नाम का इस्तेमाल कर झूठा दावा कर सकता है।
कार्रवाई और इस्तीफे की मांग
सौरभ भारद्वाज ने इसे अदालत की अवमानना का मामला बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन बदलावों से वे नागरिक बड़ी संख्या में प्रभावित हो सकते हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे और जो दोबारा पंजीकरण कराना चाहते हैं।
मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज दोनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। 'आप' नेताओं ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र के लिए बेहद ज़रूरी है। भारद्वाज ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो पार्टी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी।
इनपुट: IANS



