FIITJEE केस: ED ने दाखिल की चार्जशीट, डायरेक्टर्स पर छात्रों के करोड़ों रुपए हड़पने का आरोप
देश के जाने-माने कोचिंग संस्थान फिटजी लिमिटेड (FIITJEE Ltd.) और उसके निदेशकों पर हजारों छात्रों से एडवांस फीस लेकर कोचिंग बंद करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी…
देश के जाने-माने कोचिंग संस्थान फिटजी लिमिटेड (FIITJEE Ltd.) और उसके निदेशकों पर हजारों छात्रों से एडवांस फीस लेकर कोचिंग बंद करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के बाद कंपनी और उसके निदेशकों- दिनेश कुमार गोयल व मोनिला गोयल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह चार्जशीट गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में दायर की गई है।
ईडी ने अपनी अभियोजन शिकायत में जांच के दौरान जब्त और अस्थायी रूप से कुर्क की गई 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने की भी मांग की है। यह पूरी जांच उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मध्य प्रदेश के भोपाल में पुलिस द्वारा दर्ज की गई चार एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
छात्रों से धोखा और फीस का गबन
आरोपों के मुताबिक, फिटजी ने जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए दो से चार साल के कोचिंग प्रोग्राम के नाम पर छात्रों से 2.8 लाख से 3.5 लाख रुपये तक की पूरी फीस एडवांस में ले ली थी। छात्रों और अभिभावकों को यह भरोसा दिया गया था कि पूरा कोर्स कराया जाएगा। लेकिन, कंपनी ने अचानक अपने 32 सेंटर बंद कर दिए, जिससे पूरी फीस दे चुके 14,411 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया।
एजेंसी की रिपोर्ट बताती है कि यह सब तब हुआ जब कंपनी लगातार घाटे में चल रही थी। आरोप है कि प्रबंधन ने फीस की रकम को दूसरी जगह इस्तेमाल किया और फैकल्टी के नौकरी छोड़कर जाने के बावजूद झूठे आश्वासन देकर नए छात्रों से फीस वसूलना जारी रखा।
डायरेक्टर्स ने खुद को दिए करोड़ों के वेतन
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी को नियंत्रित करने वाले दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल ने वित्त वर्ष 2022-23 से खुद को वेतन के रूप में 24.92 करोड़ रुपये दिए। दिनेश गोयल प्रति माह लगभग 56 लाख रुपये और मोनिला गोयल 25 लाख रुपये से अधिक का वेतन ले रही थीं। यह भुगतान उस समय भी जारी रहा जब सेंटर बंद हो रहे थे और अन्य कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा था या देरी से दिया जा रहा था।
जांच के अनुसार, फीस के रूप में वसूले गए पैसों में से 85.79 करोड़ रुपये को अपराध से हुई कमाई के रूप में চিহ্নিত किया गया है। इससे पहले ईडी ने इस मामले में 7 ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी और गहने भी जब्त किए थे। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
इनपुट: IANS



