Fir On Medha Patkar: ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि के लिए फंड का इस्तेमाल’… मेधा पाटकर समेत 11 लोगों पर केस दर्ज

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Fir On Medha Patkar: ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि के लिए फंड का इस्तेमाल’… मेधा पाटकर समेत 11 लोगों पर केस दर्ज

बड़वानी: मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर (medha patkar new row) और 11 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने रविवार को कहा है कि एक ग्रामीण ने आदिवासी छात्रों के लिए शैक्षिक सुविधाओं के प्रबंधन के लिए एकत्र किए गए धन के दुरुपयोग को लेकर आरोप लगाया है। आरोप है कि उन्होंने धन का दुरुपयोग राजनीतिक और राष्ट्र विरोधी एजेंडे के लिए किया है। अपने ऊपर लगे आरोपों को मेधा पाटकर ने खारिज कर दिया है। मेधा पाटकर ने कहा कि मेरे पास खर्चों का पूरा लेखा-जोखा और ऑडिट है। उन्होंने आरोपों के पीछे राजनीतिक कारणों का संकेत दिया है।


बड़वानी एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने फोन पर पीटीआई को बताया कि मेधा पाटकर और अन्य के खिलाफ एक निजी शिकायत के बाद मामला दर्ज किया गया है, इसमें शिकायतकर्ता ने कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि मामले पुराने लेन-देन से जुड़ा है, इसलिए विस्तृत जांच की जाएगी।

टेमला बुजुर्ग गांव निवासी प्रीतमराज बडोले की शिकायत पर शनिवार को बड़वानी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। बडोले ने आरोप लगाया है कि मुंबई में पंजीकृत एक ट्रस्ट नर्मदा नवनिर्माण अभियान ने प्रथामिकी के अनुसार मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में नर्मदा घाटी के आदिवासी छात्रों के लिए आवासीय शैक्षणिक सुविधाएं चलाने के लिए एकत्रित धन का दुरुपयोग किया है।

11 लोगों पर केस दर्ज

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एनएनए को पिछले 14 वर्षों में विभिन्न स्त्रोतों से 13.50 करोड़ रुपये मिले थे लेकिन इन फंडों का इस्तेमाल राजनीतिक और राष्ट्र विरोधी एजेंडे के लिए किया गया, जिसकी जांच की आवश्यकता है। एफआईआर में मेधा पाटकर, परवीन रूमी जहांगीर, विजया चौहान, कैलाश अवस्या, मोहन पाटीदार, आशीष मंडलोई, केवल सिंह वसावे, संजय जोशी, श्याम पाटिल, सुनीत एसआर, नूरजी पड़वी और केशव वसावे नामजद आरोपी हैं।

दो राज्यों से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़ा हुआ है। दस्तावेजों और तथ्यों का सत्यापन किया जाएगा। सभी संबंधित पक्षों को अपने पक्ष और तथ्य पेश करने की अनुमति दी जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार आगे कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह पहली बार नहीं था कि उन पर इस तरह के आरोप लगे थे और उन्होंने कहा कि वह उन सभी का जवाब देने के लिए तैयार हैं क्योंकि फंड का पूरा लेखा-जोखा और ऑडिट उपलब्ध है।

मेधा पाटकर ने दिया जवाब

वहीं, मेधा पाटकर ने कहा है कि शिकायतकर्ता आरएसएस और एबीवीपी से जुड़ा है। साथ ही उन्होंने दोहराया है कि उनके संगठन को विदेशों से धन नहीं मिलता है और सभी वित्त का सालाना पूरी तरह से ऑडिट किया जाता है। पाटकर ने कहा कि धन का उचित उपयोग किया गया था और वर्तमान में चलाई जा रही जीवन शालाएं पिछले तीन दशकों से हैं। संगठन दशकों से पुनर्वास में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसने हमेशा दस्तावेजों के साथ इस तरह के आरोपों का जवाब दिया है।

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पाटकर ने कहा कि देश में राष्ट्रवाद और राष्ट्रद्रोह पर बहस चल रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले के पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं या बदनाम करने की साजिश हो सकती है। सिस्टम के बारे में सवाल पूछने पर देशद्रोही कहा जता है। यह जनता फैसला करेगी।

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