यूपी बीजेपी में अंदरूनी कलह उजागर

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ताजमहल पर बीजेपी नेताओं की टेढ़ी नजर पहले से ही है। 11 दिसंबर 2014 योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ताजमहल एक मंदिर के ऊपर बनाई गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2 अक्टूबर, को बिहार के दरभंगा जिले में एक रैली में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ताजमहल हमारे लिए एक इमारत से ज्यादा कुछ भी नहीं है।

लेकिन सोमवार को मेरठ के सरधना से बीजेपी के विधायक संगीत सोम ने जब ताजमहल को गद्दारों द्वारा बनाया गया एक इमारत कहा तो चारो तरफ हंगामा हो गया। विपक्ष इस बात को लेकर काफी हमलावर हो गई। एआईएमआईएम के सांसद ओवैसी ने कहा कि लाला किला भी गद्दारों ने ही बनवाया है तो क्या पीएम वहां से 15 अगस्त को तिरंगा फहराना बंद कर देंगे।

योगी ने किया ताज के दीदार का एलान

इस बीच योगी आदित्यानथ ने ताज को देखने की ख्वाहिश जताई है, कहा जा रहा है कि योगी 26 अक्टूबर को आगरा ताजमहल देखने के लिए जाएगें, साथ ही वो आगरा में बाकी ऐतिहासिक इमारतों का भी दौरा करेंगे। योगी ने कहा कि भले ही ताजमहल किसी ने बनवाई हो लेकिन भारतीयों के खून पसीने से इसे बनाया गया है। इसलिए सरकार हर ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करेगी।

संगीत सोम और योगी के बयानों में अंतर के मायने

संगीत सोम भले ही एक विधायक हैं लेकिन यूपी के कद्दावर भाजपा नेता के रूप में उनकी पहचान होती है। योगी और संगीत सोम दोनों की छवि कट्टर नेताओं की है। ऐसे में दोनों का एक दूसरे के विपरीत मत होने से पता चलता है कि भाजपा में भले ही अब तक कोई कलह खुलकर सामने नहीं आई है लेकिन अंदरखाने ही कुछ ना कुछ चल रहा है।

योगी को हो सकती है असुरक्षा की भावना

दोनों की छवि कट्टर है ऐसे में संभवत: सीएम योगी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हों कि जो हिंदूत्व के एजेंड़े को पसंद करने वाले लोग हैं उनका झुकाव संगीत सोम की तरफ हो सकता है। संभव हो कि योगी को ये खबर लग गई हो कि संगीत सोम योगी की जगह अपने आप को जनता के नेता और प्रदेश में हिंदुत्व के चहेते के रूप में स्थापित करना चाहता हो। इसलिए योगी ने संगीत सोम के विपरीत जाते हुए और अपने पूर्व के बयानों के विपरीत जाते हुए ताजमहल देखने का फैसला लिया हो।

हितों का टकराव भी संभव है

हो ना हो संगीत सोम सरकार से अपने प्रति जो रवैया चाहते हों वैसा व्यवहार योगी का उनके प्रति ना हो क्योंकि योगी खुद ही एक सख्त छवि के नेता माने जाते हैं। इसलिए संगीत सोम और योगी के बीच ये स्थिति पैदा हो गई हो।

बहरहाल जो भी हो ये बात काफी रोचक है कि जो ताजमहल योगी को फूटी नजर नहीं सुहाता था आज वो उसके दौरे पर जा रहे हैं। देखने वाली बात ये भी होगी कि यह विवाद यहीं पर थम जाता है या इसमें कोई और कड़ी जुड़ती है।

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