मंगलवार, 21 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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फर्ज़ी डिग्री रैकेट: ED का बड़ा एक्शन, मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ₹25 करोड़ की संपत्ति जब्त

उत्तर प्रदेश में फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निर्णायक कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी के लखनऊ जोनल…

फर्ज़ी डिग्री रैकेट: ED का बड़ा एक्शन, मोनाड यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में ₹25 करोड़ की संपत्ति जब्त
(फोटो: IANS)

उत्तर प्रदेश में फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निर्णायक कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने 25.44 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर ली हैं। जब्त की गई संपत्तियों में एक फार्महाउस, कई फ्लैट और वाहन शामिल हैं, जो आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं।

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यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 20 जुलाई को जारी एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए की गई। मामला हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी के नाम पर चल रहे एक बड़े रैकेट से जुड़ा है, जिसका खुलासा सबसे पहले उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) ने किया था।

क्या है पूरा मामला?

ईडी की जांच का आधार यूपी एसटीएफ द्वारा दर्ज की गई एफआईआर है। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि एक गिरोह पैसे लेकर छात्रों को मोनाड यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट जैसे शैक्षणिक दस्तावेज बेच रहा था। यही नहीं, यह गिरोह इन दस्तावेजों की फर्जी पुष्टि भी कराता था। जांच में अब तक 1,800 से अधिक छात्रों से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें कथित तौर पर ये जाली दस्तावेज मुहैया कराए गए थे।

जांच में ईडी को क्या मिला?

ईडी की पड़ताल में पता चला कि मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा ने संदीप सहरावत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के नाम और संसाधनों का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां बेचकर लगभग 37.66 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इस रकम का एक बड़ा हिस्सा नकद में लिया गया, जिसे बाद में खपा दिया गया।

एजेंसी ने पाया कि अपराध से हुई कमाई का एक हिस्सा आरोपियों के बैंक खातों में भी जमा हुआ, जिसे कई लेन-देन के जरिए घुमाने और छिपाने की कोशिश की गई। तलाशी अभियान के दौरान ईडी को बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट, डिग्री और उनके सत्यापन से जुड़े आवेदन जैसे कई अहम दस्तावेज भी मिले। यूपी एसटीएफ इस मामले में 11 अगस्त 2025 को 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

इनपुट: IANS

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