शनिवार, 7 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
दुनिया

यूरोप में हवाई यात्रा पर मंडराया संकट: सिलसिलेवार बम धमकियों ने बढ़ाई चिंता

यूरोप के आसमान में हवाई यात्रा इन दिनों दहशत का पर्याय बन गई है। पिछले कुछ दिनों में यात्री विमानों को बम से उड़ाने की दर्जनों धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इन घटनाओं के कारण कई…

यूरोप में हवाई यात्रा पर मंडराया संकट: सिलसिलेवार बम धमकियों ने बढ़ाई चिंता
(फोटो: IANS)

यूरोप के आसमान में हवाई यात्रा इन दिनों दहशत का पर्याय बन गई है। पिछले कुछ दिनों में यात्री विमानों को बम से उड़ाने की दर्जनों धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इन घटनाओं के कारण कई उड़ानों को या तो रद्द करना पड़ा, या उनका रास्ता बदलना पड़ा, और कुछ मामलों में तो लड़ाकू विमानों को भी तैनात करना पड़ा। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, धमकियों का यह सिलसिला अब विमानों से बढ़कर मीडिया संस्थानों तक भी पहुँच गया है।

विज्ञापन

इन धमकियों की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिर्फ़ 6 नवंबर को ही बुल्गारिया, चेक गणराज्य, फ्रांस, इटली, हंगरी, साइप्रस, रोमानिया, ब्रिटेन और पुर्तगाल से जुड़ी 18 उड़ानें इन फर्जी बम धमकियों से प्रभावित हुईं।

धमकियों की बढ़ती शृंखला

यह सिलसिला पिछले एक सप्ताह से जारी है। रॉयटर्स के अनुसार, 6 नवंबर से पहले भी मंगलवार और गुरुवार को कम से कम 35 उड़ानों को या तो डायवर्ट किया गया या उनकी गहन सुरक्षा जाँच की गई। 5 नवंबर को भी करीब 20 विमानों को ऐसी ही धमकियाँ मिली थीं। इससे पहले 2 नवंबर को लंदन के ल्यूटन हवाई अड्डे से सोफिया जा रही विज एयर की उड़ान को बुडापेस्ट मोड़ना पड़ा था, जबकि 3 नवंबर को सात विमानों की तलाशी ली गई थी।

विभिन्न देशों में हुए असर के कुछ उदाहरण:

  • हंगरी: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हंगरी को तीन बार अपने लड़ाकू विमानों को सक्रिय करना पड़ा। रक्षा मंत्री रोमुलुस रूसिन-सेंडी ने बताया कि सैन्य विमानों ने ब्रसेल्स, प्राग और साइप्रस से आ रहे विमानों को सुरक्षा घेरे में लिया।
  • फ्रांस, इटली और बुल्गारिया: इन देशों ने भी अपनी वायुसेना के लड़ाकू विमानों को धमकियाँ मिलने के बाद हवा में भेजा। आयरलैंड से रोम जा रही एक उड़ान को फ्रांस के सैन्य अड्डे पर उतारना पड़ा।
  • स्पेन: मैड्रिड के बाराखास हवाई अड्डे पर ईमेल से मिली धमकियों के बाद इबेरिया और एयर यूरोपा की कुल छह उड़ानें प्रभावित हुईं।

मीडिया संस्थान भी बने निशाना

6 नवंबर को इस घटनाक्रम ने एक नया मोड़ लिया, जब आयरलैंड के सरकारी प्रसारक आरटीई और बुल्गारिया के नोवा टीवी को भी ईमेल के ज़रिए बम की धमकियाँ मिलीं। इसके चलते आरटीई के डबलिन मुख्यालय को खाली कराना पड़ा और उसका प्रसारण कुछ देर के लिए बाधित हुआ। ब्रिटेन के स्काई न्यूज ने भी ऐसी ही धमकी मिलने की पुष्टि की है। रॉयटर्स के मुताबिक, मीडिया संस्थानों को भेजे गए संदेश 'मैसेज टू द वेस्ट' शीर्षक से थे और इनमें मिखाइल एंड्रोपोव नाम का इस्तेमाल किया गया था।

जांच का दायरा और संभावित कनेक्शन

यूरोपीय जांच एजेंसियाँ अब इन धमकियों के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। इटली और सोफिया के हवाई अड्डों को भेजे गए कुछ ईमेल में 'फाइटर्स ऑफ द मेल स्टेट' नाम का ज़िक्र है, जो रूस से जुड़े एक अति-राष्ट्रवादी समूह का नाम रहा है। हालांकि, इसके संस्थापक व्लादिस्लाव पॉज्दन्याकोव ने इन घटनाओं से कोई संबंध होने से इनकार किया है।

कई देशों में एक ही तरीके से दी जा रही इन धमकियों को महज़ संयोग नहीं माना जा रहा है। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने इसे 'हाइब्रिड आक्रामकता' और 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' का प्रयास बताया है। कुछ यूरोपीय अधिकारियों को शक है कि यह यूक्रेन का समर्थन करने वाले देशों को अस्थिर करने की एक बड़ी साज़िश हो सकती है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला है और न ही कोई यात्री घायल हुआ है।

इनपुट: IANS

N

News4Social इंटरनेशनल डेस्क

News4Social इंटरनेशनल डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →