बिहार: ‘इंडी’ गठबंधन की रैली से पहले NDA का हमला, कहा- 'संविधान से बढ़कर कोई नहीं'
बिहार में 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘इंडी’ गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर…
बिहार में 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘इंडी’ गठबंधन की रैली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, एनडीए नेताओं ने कहा कि किसी को भी संविधान के अनुरूप स्थापित व्यवस्था को बदलने का अधिकार नहीं है।
यह राजनीतिक बयानबाजी पटना में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा और हालिया एमएलसी चुनाव परिणामों की पृष्ठभूमि में हो रही है। बिहार सरकार के मंत्रियों और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ताओं ने विपक्ष के कदमों की आलोचना की और अपनी सरकार के चुनावी प्रदर्शन पर भी बात रखी।
विदेशी ताकतों की साजिश का आरोप
राज्य सरकार में मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि देश में अराजकता फैलाने और माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भारत में अराजकता फैलाने के लिए किया गया।” जायसवाल के अनुसार, भारत को अस्थिर कर नेपाल या बांग्लादेश जैसी स्थिति बनाने की कोशिश की गई, जिसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
इसी तरह की बात जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी कही। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में भारत में अल्बानिया और बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करने की कोशिश की गई, जिसका मकसद लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'लोकतंत्र की जननी' भारत में ऐसा संभव नहीं है।
MLC चुनाव और ‘इंडी’ गठबंधन की रैली पर प्रतिक्रिया
बिहार सरकार में मंत्री संतोष सुमन ने 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली पर कहा कि विपक्ष को अपनी मांग रखने और प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन “कोई भी संविधान के अनुरूप स्थापित व्यवस्था को नहीं मिटा सकता।” राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वह अंततः थककर शांत हो जाएंगे।
एमएलसी चुनाव परिणामों पर संतोष सुमन ने बताया कि पिछली बार उनके पक्ष को तीन सीटें मिली थीं, जबकि इस बार चार से पांच सीटें जीतने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके समर्थन वाले एक बागी उम्मीदवार ने भी एक सीट जीती है। वहीं, जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि आठ सीटें भले ही संख्या में कम लगें, लेकिन ये किसी गठबंधन की साख का पैमाना होती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले नतीजों को मिलाकर जदयू का प्रदर्शन पिछली बार की चार सीटों से बेहतर रहेगा।
इनपुट: IANS



