शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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पूर्व DIG भुल्लर रिश्वत मामला: बिचौलिए कृष्णू को ED की 8 दिन की रिमांड, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी

पंजाब के पूर्व डीआईजी एचएस भुल्लर से जुड़े रिश्वतखोरी के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में बिचौलिए की भूमिका…

पूर्व DIG भुल्लर रिश्वत मामला: बिचौलिए कृष्णू को ED की 8 दिन की रिमांड, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी
(फोटो: IANS)

पंजाब के पूर्व डीआईजी एचएस भुल्लर से जुड़े रिश्वतखोरी के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने इस मामले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले कृष्णू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत से उसकी आठ दिनों की रिमांड हासिल की है।

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एजेंसी अब इस रिमांड अवधि के दौरान कृष्णू से कथित रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर गहन पूछताछ करेगी। ईडी की जांच का मुख्य फोकस रिश्वत की रकम के लेनदेन, उसके इस्तेमाल के तरीके और इस मामले से जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं को उजागर करना है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि कृष्णू से पूछताछ के बाद इस केस से जुड़ी कई अहम कड़ियां जुड़ सकती हैं और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

मुंबई में भी ED की बड़ी कार्रवाई

इसी बीच, ईडी ने एक अन्य बड़े मामले में मुंबई में भी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एजेंसी ने भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के सहयोगी सलीम इस्माइल डोला और उसके साथियों द्वारा चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत प्रवीण उर्फ नागेश रामचंद्र शिंदे और बृजेश कांजीभाई मोराडिया को हिरासत में लिया है। यह जांच मुंबई की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा सलीम डोला और अन्य के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी, जो नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी से संबंधित हैं।

संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा

ईडी ने एक बयान में बताया कि अब तक की जांच से एक बेहद संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का पता चला है। यह नेटवर्क रासायनिक पदार्थों की खरीद, मेफेड्रोन (एमडी) के गुप्त निर्माण, नशीले पदार्थों के अंतरराज्यीय परिवहन और वितरण में शामिल था। इसके अलावा, यह सिंडिकेट ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों के जरिए अपराध की कमाई को इकट्ठा करने और छिपाने, तथा सहयोगियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियां खरीदने का काम भी कर रहा था।

एजेंसी के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी प्रवीण शिंदे अवैध रूप से मेफेड्रोन के निर्माण और उसकी बिक्री से प्राप्त धन के उत्पादन, संचालन और आवागमन जैसी गतिविधियों में सीधे तौर पर शामिल था।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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