बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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म्यांमार से सुपारी तस्करी: ED ने मिजोरम में होटल समेत 8.12 करोड़ की संपत्ति जब्त की

म्यांमार से भारत में सूखी सुपारी की संगठित तस्करी के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मिजोरम में 8.12 करोड़ रुपये…

म्यांमार से सुपारी तस्करी: ED ने मिजोरम में होटल समेत 8.12 करोड़ की संपत्ति जब्त की
(फोटो: IANS)

म्यांमार से भारत में सूखी सुपारी की संगठित तस्करी के एक बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मिजोरम में 8.12 करोड़ रुपये मूल्य की 10 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों में चम्फाई में स्थित 'होटल जेड' भी शामिल है।

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यह पूरा मामला म्यांमार से मिजोरम के रास्ते सूखी सुपारी की बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़ा है। ईडी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा इंफाल में दर्ज एक FIR और 29 अगस्त 2025 की चार्जशीट पर आधारित है। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया था कि तस्करों ने फर्जी ई-वे बिल और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक संगठित नेटवर्क चलाया।

लगभग 409 करोड़ का राजस्व घाटा

जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क ने करीब 3,103 मीट्रिक टन सूखी सुपारी की तस्करी की, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 1,022.25 करोड़ रुपये था। इस अवैध व्यापार के कारण सरकार को लगभग 408.90 करोड़ रुपये की बेसिक कस्टम ड्यूटी का नुकसान हुआ। ईडी ने पाया कि इस तस्करी से हुई अवैध कमाई का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

एजेंसी ने अपनी जांच में पाया कि म्यांमार के सप्लायर टियाउ नदी और जोखावथर-चम्फाई सीमा से सुपारी भारत भेजते थे। मिजोरम में स्थानीय सहयोगी इसे खरीदकर भंडारण और असम जैसे राज्यों में परिवहन की व्यवस्था करते थे।

अटैच संपत्तियों का विवरण

ईडी के अनुसार, जोसांगपुई, थांगखानमुंगा, जोनसांगा और सांगनीहवेला तस्करी की गई सुपारी की खरीद, परिवहन और व्यापार में शामिल थे, जिससे उन्हें भारी आर्थिक लाभ हुआ। इसी अवैध कमाई से संपत्तियां खरीदी गईं।

4 सितंबर 2026 के एक आदेश के तहत जब्त की गई 10 संपत्तियों का कुल मूल्य 8,12,74,399 रुपये है। इनमें सबसे प्रमुख 'होटल जेड' और उससे जुड़ी जमीन है, जिसकी कीमत लगभग 6.29 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि इस होटल का निर्माण तस्करी के पैसों से ही किया गया था। इस मामले में पहले भी तलाशी के दौरान करीब 1.20 करोड़ रुपये की बैंक राशि फ्रीज की जा चुकी है। इस तरह अब तक कुल 9.33 करोड़ रुपये की अपराध की आय का पता चला है और मामले में आगे की जांच जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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