लोगों ने गुस्सा ज़ाहिर किया तो आग बबूला हो गए बाबुल सुप्रियो, बोले खाल उधेड़वा लूँगा

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भारतीय जनता पार्टी के सांसद और मौजूदा सरकार में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो गुरुवार को एक मौके पर भीड़ पर भड़क उठे. वो कुछ लोगों से मिलने जा रहे थे तब गुस्साई जनता ने उन्हें लौट जाने को कह दिया. इस बात सुप्रियो इतना कहल गए कि उन्होंने खुलेआम लोगों को खुली धमकी दे डाली. उन्होंने कहा कि वह लोगों की खाल उधेड़वा लेंगे.

दरअसल पश्चिम बंगाल के रानीगंज में रामनवमी की रैली को लेकर रविवार और सोमवार को दो गुटों के बीच झड़प हुई थी. सांप्रदायिक हिंसा की घटना के मद्देनज़र उस क्षेत्र की इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई थीं, जिसके बाद से अभी तक वहाँ की स्थिति तनावपूर्ण है. गुरुवार को केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो जब अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे तो लोग ज़ोर-ज़ोर से उनके खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे, जिस पर उन्होंने खुली धमकी दे डाली. इस गह्तना के दौरान वो कल्याणपुर में राहत शिविर की ओर जा रहे थे. मगर तनावपूर्ण स्थिति को देहते हुए पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था. इसके तहत उन पर सीआरपीसी की धारा 144 और आईपीसी की धारा 146, 147, 148 और 353 का उल्लंघन करने का आरोप लगा है. इसी के साथ सुप्रियो पर ये भी आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रूपेश कुमार पर हमला किया.

न्यूज़ चैनलों पर प्रासारित हो रही क्लिप के मुताबिक, सुप्रियो के पास कुछ लोग पहुंचे थे. सांसद उनसे कह रहे थे, “क्या मैंने आपसे लड़ने को कहा? मैं चला जाऊंगा. लेकिन आप मुश्किल में आ जाएंगे.” आगे जब उनसे भीड़ में से एक शख्स ने लौट जाने को कहा तो सुप्रियो ने इसी पर कहा, “चमड़ी उधेड़वा लूंगा तुम्हारी.” बाद में इस बारे में अपनी सफायी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “वहां पर दो-तीन शरारती तत्व थे. वे टीएमसी से थे और माहौल खराब करने की कोशिश में थे. वे मेरे खिलाफ नारेबाज़ी कर रहे थे. मगर मैं पीड़ितों से मिलना चाह रहा था.”

सुप्रियो के बयान के मुताबिक़, “रास्ते में बुजुर्ग महिला को देख मैंने अपनी गाड़ी रोकी थी. वह महिला रो रही थी. लेकिन शरारती तत्वों ने मुझे उससे मिलने नहीं दिया. उसे धकियाया. पुलिस को उन शरारती तत्वों को पकड़ना चाहिए था. मगर निशाना मैं बनाया गया. अगर मेरे चमड़ी उधेड़वा लूंगा वाले बयान की बात है, तो वह मैंने उन शरारती तत्वों के लिए गुस्से में आकर कहा था.”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘जन प्रतिनिधि होने के नाते मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में जाने का पूरा हक है और खासकर ऐसे समय जब लोग दिक्कत में हैं. यह मेरा कर्तव्य है, लेकिन पुलिस कह रही है कि मुझे इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि इलाके में धारा144 लागू है. मंत्री होने के नाते मैं नियमों का उल्लंघन नहीं कर सकता.’ सुप्रियो ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को घटना की पूरी जानकारी देंगे.

वहीं हिंसा की दोनों घटनाओं के बारे में बात करते हुए पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सूबे में सांप्रदायिक सद्भाव और शांति भंग करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, ‘जब इलाके में पुलिस गश्त कर रही है तो वे रानीगंज क्यों जाना चाहते हैं? क्या वे पिछले दो दिनों की हिंसा से संतुष्ट नहीं हैं.’

 

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