मोदी जी के ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन पर लगी ब्रेक, जानिए क्या है वजह

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना बुलेट ट्रेन पर ब्रेक लगती नज़र आ रही है. कहा जाता है की यह पीएम मोदी की सबसे पसंदीदा योजनायों में से एक है. 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने देश में बुलेट ट्रेन चलाने का वादा खूब जोर-शोर से किया था. अगले साल देश में लोकसभा चुनाव होने वाले है. ऐसें में पहले से ही जनता की नारज़गी झेल रही मोदी सरकार के लिए यह बड़ा झटका हों सकता है. पहली बुलेट ट्रेन गुजरात के अहमदाबाद से मुंबई तक चलाने की बात कही जा रही थी.

जापानी कंपनी द्वारा रोकी गई फंडिंग

प्रोजेक्ट की फंडिंग करने वाली जापानी कंपनी जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जीका) ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के लिए फंडिग को रोक दिया है. जापानी कंपनी ने मोदी सरकार से कहा है कि इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने से पहले उसे देश में किसानों की समस्या पर पहले गौर करने की जरूरत है. बता दे की यह योजना की डेडलाइन 2022 रखी गई है.

किसानों से जमीन अधिग्रहण में आ रही है दिक्कते

बुटेल ट्रेन प्रोजेक्ट में शामिल दोनों राज्य गुजरात और महाराष्ट्र में किसान अपनी जमीन के लिए अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इस मुआवजे के अलावा दोनों राज्यों में किसानों ने जमीन देने के लिए शर्त रखी है कि सरकार इन इलाकों में सामान्य सुविधाओं के साथ-साथ साझा तालाब, स्कूल, सोलर लाइट समेत गांव स्तर पर हॉस्पिटल और डॉक्टर की व्यवस्था भी सुनिश्चित करे.

गौरतलब है  कि 508 किलोमीटर की बुलेट ट्रेन परियोजना में लगभग 110 किलोमीटर का सफर महाराष्ट्र के पलघर से गुजरता है और केन्द्र सरकार को यहां के किसानों से जमीन लेने में कड़ी चुनौती का  सामना करना पड़ रहा है. वहीं गुजरात में भी सरकार को लगभग 85 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण आठ जिलों में फैले 5000 किसान परिवारों से करना है.

जापानी कंपनी ने अभी तक जारी किये है 125 करोड़, चाहिए 80 हज़ार करोड़

जापानी कंपनी द्वारा बुलेट ट्रेन के निर्माण के लिए अभी तक मात्र 125 करोड़ रूपए दिए गए है. वही इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 1 लाख करोड़ रूपए की लागत आएगी, जिसमे से 80 हज़ार करोड़ जापान द्वारा दिए जायेंग वही 20 हज़ार करोड़ भारत सरकार लगाएगी.

इन सभी दिक्कतों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है की 2022 से पहले इस योजना का पूरा होना बेहद ही कठिन है.