सीलिंग को लेकर विरोध जारी, 2 और 3 फरवरी को बंद हो सकता है दिल्ली

दिल्ली में काफ़ी लम्बे समय से सीलिंग चल रही है. सीलिंग ने हजारों दुकानों पर ताला लगवा दिया है, वहीं बैंकों के लॉकर्स सील होने से लोगों की जमा पूंजी तक नहीं निकल पा रही है. कुछ दिनों की शांति के बाद सीलिंग को लेकर मीटिंग भी हुई ,जिसमें 31 जनवरी तक सीलिंग पर रोक लगाने की बात हुई है. साथ ही अगर ऐसा नहीं होता तो फरवरी में दिल्ली बंद होने की खबरें सामने आ रही है.

क्या है सीलिंग

व्यापारी चाहते हैं कि उनसे उनकी दुकानों के बेसमेंट वाले हिस्से का पैसा न लिया जाए. इसको देखते हुये सरकार ने फैसला लिया है की व्यापारियों से कनवर्जन चार्ज वसूला जाये. अगर  व्यापारी घटा हुआ कन्वर्जन चार्ज भी जमा नहीं कराते हैं, तो उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जाए.

बंद के दौरान 5000 जगहों पर होगा प्रदर्शन

दिल्ली में सीलिंग के विरोध में प्रदर्शन जारी है. व्यापारियों ने 2 और 3 फरवरी को दिल्ली बंद करने का ऐलान किया है. शनिवार को दिल्ली के 400 व्यापारी संघों की एक बैठक हुई जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए. बैठक में बंद के दौरान 5000 जगहों पर सीलिंग का विरोध करने का फ़ैसला भी किया गया.

दक्षिण दिल्ली में सीलिंग के विरोध में आज भी बाज़ार बंद कर दिये जायेंगे. कई लोगों ने मांग  की है की सीलिंग की कार्यवाही को तुरंत बंद कर दिया जाए.

वसूला गया कनवर्जन चार्ज

व्यापारियों का कह्ना है कि दक्षिणी दिल्‍ली में कनवर्जन चार्ज 26 करोड़ रुपये वसूला और अब दुकानें सील कर रहे हैं. हौज खास में 10 साल से कैटरिंग की दुकान चलाने वाले विजेंद्र सैनी की दुकान सोमवार को सील हो गई. उन्‍होंने बताया कि पिछले हफ्ते बेसमेंट भी के कनवर्जन चार्ज के रूप में 23 लाख रुपये जमा कराए फिर भी उनकी दुकान सील कर दी गई.

सीलिंग रुकवाने के लिए मास्टरप्लेन

सीटीआई ने इस संबंध में जानकारी दी कि वह सीलिंग रुकवाने को लेकर एमसीडी, दिल्ली सरकार, मॉनिटरिंग कमेटी सबसे मिल चुके हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान केवल केंद्र सरकार के पास है.  इस संबंध मे वह केन्द्र सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत एक ऑर्डिनेंस या कानून लाकर सीलिंग को रोका जाए और मास्टर प्लान के एक्ट में भी बदलाव किया जाए. आपको बता दें कि इससे पहले जब व्यापारियों के सीलिंग का विरोध करते हुए दिल्ली बंद की चेतावनी दी थी, तब आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने इनका समर्थन किया था