स्टालिन के AI-जनित वीडियो पर विवाद: DMK ने TVK के आईटी विंग पर FIR की मांग की
तमिलनाडु में एक कथित AI-जनित वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के एक छेड़छाड़ किए गए वीडियो को प्रसारि…
तमिलनाडु में एक कथित AI-जनित वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के एक छेड़छाड़ किए गए वीडियो को प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए थमिझगा वेत्री कज़गम (TVK) के आईटी विंग के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह शिकायत DMK के लीगल विंग के संयुक्त सचिव आई. परांथामेन ने 31 अक्टूबर को दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 'टीवीके आईटी विंग ऑफिशियल' नामक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से एक वीडियो जारी किया गया। यह वीडियो स्टालिन के 30 अक्टूबर को जारी एक मूल वीडियो की आवाज़ में डिजिटल रूप से हेरफेर करके बनाया गया था, जिसमें उनके नाम से झूठे बयान जोड़े गए। DMK का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जनता को गुमराह करना और स्टालिन की छवि को धूमिल करना है।
क्या था असली वीडियो में?
परांथामेन ने बताया कि मूल वीडियो में स्टालिन ने TVK सरकार की राजनीतिक आलोचना की थी। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति और गंभीर अपराधों में TVK पदाधिकारियों की कथित संलिप्तता जैसे मुद्दों को उठाया था। DMK के अनुसार, इसी वीडियो से छेड़छाड़ कर एक झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की गई है।
कानूनी कार्रवाई और अन्य मांगें
अपनी शिकायत में, DMK ने पुलिस से 'भारतीय न्याय संहिता, 2023' और 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000' की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। पार्टी ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि इस वीडियो को डाउनलोड करके अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाया जा सकता है, जिससे स्टालिन की प्रतिष्ठा को और नुकसान पहुंच सकता है।
इसके अलावा, पुलिस से यह भी मांग की गई है कि वे एक्स को इस वीडियो को हटाने या उस तक पहुंच को ब्लॉक करने का निर्देश दें। शिकायत में वीडियो से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों, जैसे अकाउंट की जानकारी, आईपी लॉग, मेटाडेटा और अपलोड रिकॉर्ड को संरक्षित करने का भी अनुरोध किया गया है ताकि वीडियो बनाने और इसे फैलाने वाले सभी जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
इनपुट: IANS



