दिवाली 2026: एक साल में बाज़ार की चाल, फार्मा-मेटल चमके, IT-FMCG पिछड़े
वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय शेयर बाज़ार पर भी दिखा, जिसके चलते संवत 2082 (दीपावली 2025 से दीपावली 2026 तक) निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस एक साल की…
वैश्विक अस्थिरता का असर भारतीय शेयर बाज़ार पर भी दिखा, जिसके चलते संवत 2082 (दीपावली 2025 से दीपावली 2026 तक) निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस एक साल की अवधि में मुख्य सूचकांक निफ्टी में लगभग 4 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिवाली से ठीक पहले के कारोबारी सप्ताह में आई करीब 8.5 प्रतिशत की तेज़ रिकवरी ने बाज़ार की इस सालाना तस्वीर को कुछ हद तक बेहतर बनाया है।
इस एक साल के दौरान अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन काफी भिन्न रहा। कुछ क्षेत्रों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, तो कुछ में भारी गिरावट देखने को मिली।
कौन से सेक्टर रहे मुनाफे में?
संवत 2082 में सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी फार्मा ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसने निवेशकों को लगभग 24 प्रतिशत का रिटर्न दिया और टॉप गेनर बनकर उभरा। इसी तरह, निफ्टी मेटल इंडेक्स में भी करीब 23 प्रतिशत की मज़बूती देखी गई। इन दोनों के अलावा, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मीडिया भी सबसे ज़्यादा बढ़ने वाले सूचकांकों में शामिल रहे।
किन सेक्टरों ने किया निराश?
दूसरी तरफ, निफ्टी एफएमसीजी सेक्टर निवेशकों के लिए सबसे निराशाजनक साबित हुआ, जिसमें 18 प्रतिशत की गिरावट आई। यह बाज़ार का सबसे कमज़ोर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक था। इसके अतिरिक्त, निफ्टी आईटी, निफ्टी पीएसयू और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
चर्चित शेयर: कोई चढ़ा, कोई गिरा
अगर निफ्टी50 में शामिल शेयरों की बात करें तो बीएसई (Bombay Stock Exchange) का शेयर 53 प्रतिशत के शानदार रिटर्न के साथ टॉप पर रहा। इसके अलावा, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों ने भी 25 से 40 प्रतिशत के बीच का मुनाफा दिया। वहीं, आईटीसी (ITC) का शेयर 31 प्रतिशत की गिरावट के साथ निफ्टी50 का टॉप लूजर बना। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और मैक्स हेल्थकेयर भी सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल थे।
मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा
हिंदू नव संवत्सर के आगाज़ के मौके पर 8 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक एक विशेष 'मुहूर्त ट्रेडिंग' सत्र आयोजित किया जाएगा। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों को देखें तो भारतीय बाज़ार आठ बार मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ है। साल 2016 और 2017 में गिरावट आई थी, लेकिन उसके बाद लगातार आठ सत्रों में तेज़ी रही, भले ही यह बढ़त आमतौर पर 1 प्रतिशत से कम की हो।
इनपुट: IANS



