दिल्ली: नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दो कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 11 लोग पुलिस की गिरफ्त में
दिल्ली के रंजीत नगर इलाके में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से पैसे ऐंठने वाले दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई में…
दिल्ली के रंजीत नगर इलाके में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से पैसे ऐंठने वाले दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक संयुक्त कार्रवाई में इन कॉल सेंटरों से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग ऑनलाइन जॉब पोर्टलों से बेरोजगारों का डेटा हासिल कर उन्हें निशाना बनाते थे।
पुलिस ने बताया कि यह ऑपरेशन सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ, साइबर पुलिस स्टेशन और रंजीत नगर पुलिस की संयुक्त टीमों ने अंजाम दिया। 3 सितंबर को पुलिस को रंजीत नगर में शादीपुर मेट्रो स्टेशन के पास लाल रतन बिल्डिंग में चल रहे इन संदिग्ध ठिकानों की सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की योजना बनाई गई।
कैसे काम करता था यह ठग गिरोह
जांच में सामने आया कि दोनों कॉल सेंटरों का काम करने का तरीका एक जैसा था। ये लोग पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाश रहे लोगों का डेटा और संपर्क विवरण हासिल करते थे। इसके बाद, भर्ती अधिकारी बनकर आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव देते और उम्मीदवार का भरोसा जीत लेते थे।
भरोसा जीतने के बाद, वे रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1,200 रुपये, 1,400 रुपये और 3,500 रुपये जैसे अलग-अलग पैकेज के तहत पैसों की मांग करते थे। पैसा मिलने के बाद, वे कुछ दिनों तक नौकरी और अन्य औपचारिकताओं के बारे में बात करके उम्मीदवार को उलझाए रखते और फिर संपर्क तोड़ देते थे।
छापेमारी और गिरफ्तारी
तकनीकी जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने लाल रतन बिल्डिंग में चल रहे इन दोनों दफ्तरों पर एक साथ छापा मारा।
एक कॉल सेंटर से चार महिलाओं और दो पुरुषों को हिरासत में लिया गया। इनके नाम अर्पित, सकीना, करिश्मा, मीनाक्षी, चंचल और अशोक हैं। वहीं, दूसरे कॉल सेंटर पर मारे गए छापे में पांच पुरुष कर्मचारी पकड़े गए, जिनकी पहचान आसिम, संदीप, गौरव मलिक, ज्ञान सिंह और रोहित के रूप में हुई है।
जब पुलिस ने इन लोगों से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े वैध दस्तावेज या प्लेसमेंट एग्रीमेंट मांगे, तो वे कुछ भी पेश नहीं कर सके। दोनों जगहों से कुल 13 कंप्यूटर सिस्टम, 5 मोबाइल फोन, कॉलिंग सॉफ्टवेयर और नौकरी चाहने वालों का डेटा बरामद किया गया है। पुलिस अब इन कॉल सेंटरों के मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है।
इनपुट: IANS



