सपा में शामिल हुए भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप, अखिलेश बोले- 'चुनाव की तारीख आते ही हारेगी बीजेपी'
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी सियासी हलचल के बीच, बरेली की आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी का दामन…
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। इसी सियासी हलचल के बीच, बरेली की आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उनके साथ उनकी बेटी कीर्ति कश्यप और बड़ी संख्या में समर्थक भी सपा में शामिल हुए। बहुजन समाज पार्टी के आबिद अली ने भी इसी मौके पर सपा की सदस्यता ग्रहण की।
पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन सभी नेताओं का स्वागत करते हुए इसे 'सामाजिक न्याय की लड़ाई' को मजबूती देने वाला एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कश्यप के आने से पार्टी को और बल मिलेगा और उन्हें पूरा राजनीतिक सम्मान दिया जाएगा। अखिलेश ने इस मौके पर एक दिलचस्प बात का जिक्र करते हुए कहा, "धर्मेंद्र कश्यप के भाजपा छोड़ते समय ‘टाटा-बाय बाय’ कहने के बाद से ही उनकी इच्छा थी कि वह सपा में आएं।"
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
इस যোগদান कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया, "जिस दिन चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, उसी दिन भाजपा की हार तय हो जाएगी।" सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा हार के डर से चुनावी धांधली का सहारा ले रही है।
उन्होंने मतदाता सूची से नाम काटे जाने और मतदान व्यवस्था में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि लखनऊ में 97 बूथों पर बैलेट बॉक्स के अंदर बिना मुड़े हुए बैलेट पेपर मिले हैं, जो एक बड़ी साजिश का संकेत है। उन्होंने एसआईआर (SIR) के बहाने लोगों के वोट काटने का भी आरोप लगाया।
बायोमेट्रिक वोटिंग और मेटल कार्ड की वकालत
अखिलेश यादव ने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए कहा कि मतदाता पहचान को आधार और बायोमेट्रिक व्यवस्था से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, "जब राशन वितरण में बायोमेट्रिक तकनीक का इस्तेमाल हो सकता है तो निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए इसका उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा?" उन्होंने यह भी वादा किया कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर नागरिकों को कागज के बजाय धातु के बने मतदाता पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
सपा प्रमुख ने 'प्रीपेड पार्टियों' से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ दल दूसरों के इशारे पर काम कर रहे हैं। भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने चुनाव जीतने का कॉरपोरेट तरीका अपना लिया है और उनका नारा है, ‘जिसका दाना, उसका गाना।’ अखिलेश ने कहा कि आने वाला चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है।
इनपुट: IANS



